करोड़ों रुपए बर्बाद करने के बाद भी नहीं सुधरी नहर की पटरी 

करोड़ों रुपए बर्बाद करने के बाद भी नहीं सुधरी नहर की पटरी 
बछरावां रायबरेली-- ठेकेदारी प्रथा के अंदर  अधिकारियों की मिलीभगत से किस तरह के कार्य कराए जाते हैं जिसका उदाहरण बछरावां के बगल से निकलने वाली शारदा सहायक  नहर की पटरीयों में देखा जा सकता है ज्ञात हो किस इसबार कायदे की बरसात भी नहीं हुई हल्की फुल्की बरसात में ही नहर की पटरी इस कदर ध्वस्त हो चुकी हैं कि उन पर मोटरसाइकिल से भी जाना दूभर है  ग्रामीणों का कहना है  कि कुछ दिन पूर्व  जब इन पटरियों को ठेकेदार के द्वारा  सहीकराया जा रहा था तब इन पर कम मिट्टी डालने की शिकायत की गई थी परंतु कोई सुनवाई नहीं हुई  नियमानुसार विभाग के उच्चाधिकारियों  जिनमें एक्सीऍन से लेकर ऎई आदि को दौरा कर नहर की पोजीशन तथा पटरियों की हालत देखनी होती है सवाल ये उठता है कि जब इन  पटरियों की हालत इतनी बदहाल है  तो यह अधिकारी कैसे दौरा करते होंगे पटरियों की हालत कर देख कर तो ऐसा ही प्रतीत होता है किइन अधिकारियों के द्वारा फर्जी दौरे दिखाए जाते होंगे  या फिर देख कर भी नजरअंदाज करते होंगे!क्षेत्रीय जनता की मांग है कि तत्काल प्रभाव से पटरियों की वास्तविक स्थिति से विभाग के उच्चाधिकारियों तथा सरकार को अवगत करा कर इनका निर्माण कराया जाए!

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