Lucknow : लोहिया अस्पताल से बरामद करोड़ों रुपए की एक्सपायर्ड दवाएं, डिप्टी सीएम ने दिए जांच के आदेश…

Lucknow : लोहिया अस्पताल से बरामद करोड़ों रुपए की एक्सपायर्ड दवाएं, डिप्टी सीएम ने दिए जांच के आदेश…

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रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)

मो-8573856824

प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक लोहिया संस्थान में एक्सपायरी दवाओं की सूची के लिए करीब 45 मिनट तक भटकते रहे। मुख्य स्टोर से लेकर सर्वर रूप में डिप्टी सीएम गए। पर, उन्हें समय पर एक्सपायर दवाओं की सूची नहीं मिल पाई। लंबी जद्दोजहद के बाद मंत्री को एक्सपायर दवाओं की सूची मिली। 50 लाख से अधिक की एक्सपायर दवाएं वापस नहीं की गई। मंत्री ने प्रमुख सचिव से जांच कराने के निर्देश दिए।

बंद मिले कम्प्यूटर

लोहिया संस्थान में हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड के तहत दवाओं की खरीद-फरोख्त होती है। यह दवाएं मरीजों को सस्ती दर पर मिलनी चाहिए। बड़ी संख्या में दवाएं एक्सपायर हो रही हैं। जिन्हें न तो समय पर कंपनी को लौटाई गई। न ही समय पर मरीजों को बांटी गई। दवाओं के एक्सपायर होने से सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। एक्सपायर दवाओं की सच्चाई परखने के लिए डिप्टी सीएम करीब डेढ़ बजे एचआरएफ के मुख्य स्टोर गए। वहां उन्होंने कर्मचारियों से एक्सपायर दवाओं की सूची मांगी। पर, कर्मचारी ने सूची उपलब्ध कराने में असमर्थता जाहिर की। कर्मचारी ने बताया कि यह सूची मुख्य सर्वर से मिलेगी। इसके बाद डिप्टी सीएम सर्वर रूम पहुंचे। यहां कम्प्यूटर बंद मिले। कमरे में गदंगी मिली। प्रिंटर में धूल जमी मिली। इस पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की।

डिप्टी सीएम ने एक्सपायर दवाओं की सूची मांगते रहे। अफसरों ने पूरी दवाओं की सूची थमा दी। डिप्टी सीएम की सख्ती के बाद 2017 से 2022 तक की 322 पेज की एक्सपायर दवाओं की सूची मिली। मंत्री ने दवाओं की कीमत पूछी तो अफसर लीपापोती में जुट गए।

क्या सोचा था बिना सूची के चला जाउंगा

मंत्री ने कहा कि आप लोगों ने सोचा था कि मैं ऐसे ही चला जाउंगा। बिना सूची मैं नहीं जाऊंगा। दो लाख 48 हजार छह सौ 68 दवाएं एक्सपायर हो गईं। जिन्हें वापस नहीं किया गया। इन दवाओं की कीमत करीब 50 लाख रुपये से अधिक है। उन्होंने कहा कि ये सरकार का पैसा है। गरीब जनता का पैसा है।