रायबरेली--रामगुलाम का परिवार आवास के लिए खा रहा दर-दर की ठोकरें

रायबरेली--रामगुलाम का परिवार आवास के लिए खा रहा दर-दर की ठोकरें

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रिपोर्ट-अंगद राही

पात्र होते हुए भी ग्राम पंचायत सचिव ने लगा दी अपात्रता की मोहर

शिवगढ़-रायबरेली--जहां एक ओर सरकार पात्रों को आवास मुहैया कराने की बात करती है तो वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के शिकार पात्रों को पक्की छत नहीं नसीब हो पा रही है। एक ओर आपात्रों को आवास मिल रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर पात्र आवास के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। यही आलम पूरे टिकैत मजरे शिवली के रहने वाले रामगुलाम का है। विदित हो कि शिवगढ़ क्षेत्र के पूरे टिकैत मजरे शिवली के रहने वाले रामगुलाम का मिट्टी से बना कच्चा  आशियाना पिछली बार बारिश में भरभरा कर मलबे में तब्दील हो गया था। हल्का लेखपाल रमेश कुमार ने हुए नुकसान की जांच भी की थी किंतु विडम्बना है कि घर गिरे हुए एक वर्ष बीतने को है आज तक पीड़ित परिवार को ना तो किसी प्रकार की सरकारी सहायता मिली और ना ही आवास मुहैया हो सका। बारिश में घर गिरने के बाद से रामगुलाम जर्जर कच्ची दीवार के सहारे छप्पर रखकर अपनी पत्नी प्रेमा देवी और 5 बच्चों के साथ किसी तरह उसके नीचे जीवन यापन करने को मजबूर है। आलम यह है कि बारिश होने पर पीड़ित परिवार रात भर सो नही पाता एक चारपाई पर बैठकर बारिश के निकलने का इंतजार करता रहता है। अफसोस इस बात का है कि जब रामगुलाम को कहीं से मदद नहीं मिली उसकी सारी उम्मीदें टूट गई तो उसने आवास के लिए ऑनलाइन आवेदन किया किंतु ग्राम पंचायत अधिकारी ने उसमें भी अपात्रता की मुहर लगा दी। इस बाबत जब खण्ड विकास अधिकारी अजय कुमार सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि आवाज गिरने वालों की सूची तहसील से आती है। अभी तक सूची नहीं आई है सूची आने पर यदि उसमें नाम होगा तो मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लाभ दिलाया जाएगा।