दलितों   केअत्याचार से पीड़ित है  गरीब परिवार  नहींसुनी जा रही गुहार(  प्रताड़ित  को ही जेल भेजरही है पुलिस)    

दलितों   केअत्याचार से पीड़ित है  गरीब परिवार  नहींसुनी जा रही गुहार(  प्रताड़ित  को ही जेल भेजरही है पुलिस)    
 बछरावां रायबरेली-- किसी सामान्य अथवा पिछड़े वर्ग के द्वारा किसी दलित के साथ अगर कोई अत्याचार किया जाता है तो उसके विरुद्ध पुलिस द्वारा कठोर कार्यवाही की जाती है परंतु बछरावां पुलिस द्वारा अगर कोई दलित किसी पिछड़े वर्ग के व्यक्ति पर अत्याचार करता है तो पीड़ित को न्याय ना दिला कर  उल्टेउसे हीजेल भेज दिया जाता है ऐसा ही एक नजारा थाने से मात्र 1 किलोमीटर दूर ग्राम सभा बिशुनपुर में देखने को मिला जहांऎक़ बढ़ई  परिवार अपनी पत्नी व दो छोटे बच्चों के साथ झोपड़ी बनाकर रह रहा था  कुछ दिन पूर्व उसके घर के चंद कदम दूरी पर रहने वाले एक दबंग दलित द्वारा उसके साथ मारपीट की गई मारपीट के समय  घरमालिक सचिन शर्मा घर पर मौजूद नहीं था उसकी  पत्नी सरिता शर्मा तथासाली व साडू मौजूद थे  दबंग द्वारा उनसे भी मारपीट की गई जब वह बेचारे अपनी फरियाद लेकर थाने गए तो वहां मौजूद तत्कालीन थाना इंचार्ज द्वारा उक्त दबंग को कुछ न कहकर पीड़ित को ही जेल भेज दिया गया बताया जाता है कि उस समय मौजूदा थाना अध्यक्ष राकेश सिंह अवकाश पर थे और कस्बा इंचार्ज थाने का  चार्जलिए हुए  थे ! अभी इस प्रताड़ना से पीड़ित परिवार उबर भी न पाया था कि अचानक बीती रात  उसकी झोपड़ी फूंक दी गई  झोपड़ी में मौजूद महिलाओं ने आग लगा कर भागने वालों को देखा और पहचाना भी उन्होंने तत्काल 100 नंबर  को फोन किया परंतु  उन्हें पुलिस की कोई सहायता नहीं मिली जब पीड़ित महिला अपने 7 वर्षीय पुत्र के साथ थाने आई तो वहां मौजूद कस्बा प्रभारी द्वारा  उसेटालने का प्रयास किया गया महिला द्वारा यह कहने पर  कि वहथाना इंचार्ज से  मिलना चाहती है कस्बा इंचार्ज द्वारा पीड़ित महिला को ही बंद करने की धमकी दी गई   कस्बा इंचार्ज की शैली से  निराश महिला द्वारा1076 पर फोन किया गया तो दूसरे दिन कस्बा इंचार्ज पहुंचे और बड़े ही  अभद्र तरीके से पीड़ित परिवार को धमकाने लगे महिला द्वारा आरोपियों का घर बताने पर  इंचार्ज महोदय आरोपित के घर गए और अंदर जाकर आराम से बैठ गए पीड़ित महिला ने बताया कि जैसे ही इंचार्ज महोदय घर के अंदर गए फाटक बंद हो गया और लगभग 1 घंटे के बाद वह बाहर आए पीड़ित महिला का कहना था कि जिस तरह खुलेआम उससे पूछताछ की गई आरोपी से उस तरह पूछताछ क्यों नहीं की गई दुखी महिला ने कहा कि कस्बा इंचार्ज के इस रवैया  से उसे न्याय मिलने की उम्मीद नहीं  है ज्ञात हो कि मौजूदा कस्बा इंचार्ज अपनी तैनाती के समय से ही एक पक्षीय कार्रवाई करने के लिए शुरू से ही विवाद के घेरे में रहे हैं महिला का कहना है कि उसे थानाध्यक्ष से न्याय मिलने की उम्मीद है परंतु कस्बा इंचार्ज महोदय उसे मिलने नहीं दे रहे हैं!

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