रायबरेली-डिप्टी सी.एम. बनने के बाद भी ए.के.-47 का मोह नहीं छोड़ पाये- ओ.पी. यादव

रायबरेली-डिप्टी सी.एम. बनने के बाद भी ए.के.-47 का मोह नहीं छोड़ पाये- ओ.पी. यादव

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रिपोर्ट-सन्दीप मिश्रा

- नयी सड़क बनाना तो दूर सड़क के गड्ढे तक नहीं भरा सके डिप्टी सी.एम.

रायबरेली-सेन्ट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष पूर्व डीजीसी एवं प्रान्तीय सपा नेता ओ.पी. यादव ने उ0प्र0 के डिप्टी सी.एम. केशव प्रसाद मौर्य के उस बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त की, जिसमें डिप्टी सी.एम. ने कहा था कि अखिलेश यादव पार्टी का चुनाव निशान ए.के. 47 ले लें। श्री यादव ने कहा कि डिप्टी सी.एम. केशव प्रसाद मौर्य अपराधिक पृष्ठभूमि से आये हैं।  उनके ऊपर कई दर्जन गम्भीर अपराधिक मुकदमें पंजीकृत हैं।  उन्हें ए.के.-47 का काफी अनुभव है, जैसा कि उनके बयानों से परिलक्षित होता है।  उ0प्र0 के मुख्यमन्त्री अखिलेश यादव पर टिप्पणी करने से पूर्व डिप्टी सी.एम. को अपने गिरेबान में झाँकना चाहिए।  डिप्टी सी.एम. लोक निर्माण मंत्री के रूप में सूबे में एक भी नयी सड़क बनवाना तो दूर पुरानी सड़कों के गड्ढे भी नहीं भरा सके।  यह अलग बात है कि हर तिमाही मंे प्रदेश की सड़कों को गड्ढा मुक्त किए जाने का बयान आता रहता है, परन्तु समस्या ढाक के तीन पात की तरह ज्यों की त्यों बनी हुई है।  अखिलेश यादव ने मुख्यमन्त्री के रूप में विकास के इतने एैतिहासिक कार्य किये हैं कि उन्हीं कार्यो का योगी सरकार दोबारा लोर्कापण करके वाहवाही लूट रही है।  अखिलेश सरकार की योजनाओं का नाम बदल कर अपना काम गिना रहे हैं।  उ0प्र0 के मंत्रिमण्डल के अधिकांश मंत्री शातिर अपराधी है, जिससे लगता है कि मंत्रिमण्डल एक शातिर अपराधियों का गिरोह है।  सी.एम., डिप्टी सी.एम., एवं ला मिनिस्टर पर दर्जनों अपराधिक मुकदमें पंजीकृत है।  मंत्रियों के मुकदमा वापसी हेतु अदालतों में चल रही कवायद इसका प्रमाण है।