रायबरेली--पीसीएफ और कोऑपरेटिव सेन्टर पर नही हो रही धान की तौल,किसान परेशान

रायबरेली--पीसीएफ और कोऑपरेटिव सेन्टर पर नही हो रही धान की तौल,किसान परेशान
रायबरेली--पीसीएफ और कोऑपरेटिव सेन्टर पर नही हो रही धान की तौल,किसान परेशान

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रिपोर्ट-अंगद राही

सरकारी कांटे पर धान की तौल न होने किसान त्रस्त, बिचौलिया मस्त


शिवगढ़-रायबरेली-शिवगढ़ क्षेत्र के पीसीएफ धान खरीद केन्द्र रानी खेड़ा व कोऑपरेटिव धान खरीद केंद्र बैंती में धान खरीद केंद्रों पर तौल न होने से किसान परेशान हैं। सरकारी कांटो धान तौल न होने से बिचौलियों और दलालों का बोलबाला है। आलम यह है कि धान तौल के लिए किसान महीनों से कांटो के चक्कर काट रहे हैं इसके बावजूद धान की तौल नही हो पा रही है। मजबूरी में किसान अपना धान औने-पौने दामों में बिचौलियों के हाथ बेचने को मजबूर हैं। सहकारी समिति बैंती में संचालित कोऑपरेटिव धान खरीद केंद्र बैंती में धान खरीद का कुल लक्ष्य 18000 कुन्तल है जिसके सापेक्ष अभी तक 12000 कुन्तल धान की तौल हो चुकी है। समय 11 बजकर 30 मिनट पर कॉपरेटिव बैंती में धान की लदी ट्राली के साथ मिले कृषक मायाराम रावत ने बताया की पिछले 4 दिनों से यहां धान के बोरो से लदा ट्रैक्टर खड़ा है तौल नही हो रही है। मायाराम रावत ने बताया कि 2 माह से चक्कर लगा रहे हैं 10 दिन पहले 48 कुन्तल धान की तौल हुई थी, बाकी धान की तौल नही हुई है। महीनों से आज कल की बात कहकर केन्द्र प्रभारी द्वारा टाला जा रहा हैं। हद तो तब हो गई जब जानकारी होते हुए भी केंद्र प्रभारी ने किसान को दूसरे धान खरीद केंद्र पर धान की तौल के लिए ट्रैक्टर ट्राली और पिकप लेकर भेज दिया जहां से बैंरग वापस लौटना पड़ा। मायाराम रावत ने बताया कि जब दूसरे धान खरीद केंद्र पर गए तो वहां केंद्र प्रभारी ने बताया कि जिस केंद्र पर पहले धान तौल हुई है वहीं बाकी धान तौल होगी,नही तो खाते में पैसा नही आएगा। लेकिन मजे की बात यह है कि जिस ग्राम पंचायत में धान खरीद केन्द्र है वहीं के 1 दर्जनभर से अधिक किसानों का धान नही खरीदा गया। तो वहीं सेटिंग - गेटिंग के चलते अन्य लोगों का धान खरीदा गया। जिसको लेकर किसानों में गहरा रोष व्याप्त है। वहीं धान खरीद केंद्र पीसीएफ रानीखेड़ा जिसका लक्ष्य 25000 कुन्तल का है। लक्ष्य के सापेक्ष 18000 कुन्तल धान की तौल हो चुकी है। जहां समय 12 बजकर 40 मिनट पर आधा दर्जन से अधिक किसान मौजूद मिले। किसानों का कहना था कि बाहरी लोग आते हैं धान की तौल करा कर चले जाते हैं, हम लोग जब पहुंचते हैं तो कहा जाता है बोरे नहीं है। आज जाओ कल-परसों आना। रानीखेड़ा निवासी किसान राममिलन का कहना है कि 38 कुन्तल धान है 2 महीने से धान खरीद केन्द्र के चक्कर काट रहे हैं 8 दिन से धान से लदी ट्रैक्टर ट्राली खड़ी है प्रभारी बता रहे हैं बोरे नही हैं। वहीं पड़ीरा कला निवासी आलोक शुक्ला ने बताया की 40 कुन्तल धान है 2 महीने से आ रहे हैं,सप्ताह भर से धान से लदी ट्रैक्टर ट्राली खड़ी है। धान खरीद नहीं हो रही प्रभारी कह रहे हैं बोरे नही है। सेन्टर पर मौजूद कई किसानों का आरोप था कि जो किसान 2 रुपैया प्रति किलो के हिसाब से प्रभारी को देते हैं उनकी तौल हो जाती है बाकी को कहा जाता है बोरे नही है, केंद्र प्रभारी द्वारा किसानों को टरकाया जा रहा है। मजे की बात यह है कि इस सेन्टर पर कहीं भी धान खरीद केंद्र का बोर्ड भी नही लगा है जिसके कारण अधिकांश किसानों को तो यह भी नही पता है की यह सरकारी धान खरीद केन्द्र है। जिसके चलते किसान भटकते रहते हैं। इस केंद्र पर कोई बोर्ड ना लगा होने के चलते सिर्फ जागरूक किसानो और सेटिंग-गेटिंग वाले लोगो को ही पता है कि यहां सरकारी धान खरीद खुला है। इसके अलावा खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा संचालित धान खरीद केंद्र जो जड़ावगंज में संचालित है। इस केन्द्र पर धान खरीद का लक्ष्य 50 हजार कुन्तल है,जिस पर लक्ष्य के सापेक्ष 33750 कुन्तल धान की खरीद हो चुकी है। जहां समय 1 बजकर 30 मिनट वहां मौजूद 4 किसानों का धान तौला रहा था। धान खरीद केंद्रों पर तौल न होने के सन्दर्भ में जब एसडीएम शालिकराम की बात की गई तो उन्होंने बताया कि धान खरीद केंद्रों की जांच की जाएगी।