जांच के महीनों बाद भी नही हट सका तालाब की भूमि कब्जा व अतिक्रमण

जांच के महीनों बाद भी नही हट सका तालाब की भूमि कब्जा व अतिक्रमण

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रिपोर्ट- धर्मेन्द्र तिवारी

नसीराबाद रायबरेली-तहसील प्रशासन की उदाशीनता से सरकारी भूमि पर हो रहे अवैध कब्जा व अतिक्रमण थमने का नाम नही ले रहा है।जहां तालाब की भूमि पर हो रहे अवैध कब्जे की शिकायत पर जांच करने पहुंचे राजस्व विभाग की जांच में मामला सही पाया गया।वहीं राजस्व विभाग ने ग्राम प्रधान को मौके पर बुलाकर एक सप्ताह के अंदर मनरेगा से अवैध कब्जा व अतिक्रमण किये गये तालाब की खुदाई कराने का निर्देश जारी करने के बावजूद भी महीने भर से ज्यादा बीत गया।लेकिन ना ही तालाब की भूमि से अवैध कब्जा हटा।और ना ही अतिक्रमण हट सका।

इसे प्रशासन की लचर कार्यशैली कहें या ग्राम प्रधान की लापरवाही लेकिन इससे एक बात तो स्पस्ट है कि प्रदेश सरकार जहां सरकारी भूमि पर हो रहे अवैध कब्जे व अतिक्रमण पर कार्यवाही करने का सख्त दिशा निर्देश दे रखा है।वहीं सरकार के दिशा निर्देश पर अधिकारी गंभीर होते नही दिखायी दे रहें है। इसकी बानगी सलोन तहसील के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कुंवरमऊ में देखने  को मिल रही है।बतातें चलें कि ग्राम पंचायत कुंवरमऊ के गांव अंबरपुर निवासी इकबाल प्रजापति सहित गांव के दर्जनों ग्रामीणों ने गांव स्थित तालाब की भूमि पर हो रहे अवैध कब्जा व अतिक्रमण को लेकर आईजीआरएस पर शिकायत की।शिकायत पर जब राजस्व विभाग ने मौके पर जाकर जांच पड़ताल की तो मामला सही पाया गया।जहां गांव के ही कुछ लोगों द्वारा तालाब भूमि पर मिट्टी से पाट कर अतिक्रमण करने का मामला सामने आया।वहीं जांच करने पहुंचे हल्का लेखपाल अखिलेश सिंह ने ग्राम प्रधान को बुलाकर तालाब की भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को मनरेगा के अंतर्गत एक सप्ताह में खुदाई करने का निर्देश तो दे दिया ।लेकिन महीनों बीत जाने के बावजूद भी राजस्व विभाग का आदेश अभी तक आदेश सिर्फ हवा हवाई ही साबित हो रहा है।या यूं कहा जाये कि महीनों बीतने के बावजूद भी आदेश पर कार्यवाही नही हो सका।
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जिससे अवैध कब्जा धारकों के हौंसले बुलंद होते जा रहे है।वहीं शिकायत कर्ता इकबाल प्रजापति,मोहम्मद नसीर,चंद्र भूषण सिंह,छेदी लाल,शिवनाथ कोरी,राजपाल सिंह,रामशंकर,रईश,रामअवध,मो.रमजान,गुरू प्रसाद,रामआसरे,रमेश कुमार,हरिश्चंद्र रमजान आदि ग्रामीणों का कहना है कि बरसात का मौसम चल रहा है।तालाब पाटने से गांव में पानी का निकास पूरी तरह से बंद हो गया है।जिससे बरसात का पानी खड़जे पर ही भरा रहता है।वहीं जलभराव होने से जहां लोग फिसलकर चुटहिल हो रहे हैं।वहीं जलभराव से कई तरह की संक्रमित बीमीरियों का खतरा बना रहता है।जिसको लेकर उच्चाधिकारियों  से तालाब की भूमि पर हो रहे अवैध कब्जे की कई बार शिकायत की गयी।परंतु राजस्व विभाग द्वारा सिर्फ कार्यवाही का आश्वासन ही दिया जा रहा है।जबकि राजस्व विभाग अवैध कब्जा धारकों पर कार्यवाही करने में असमर्थ दिखायी दे रहा है।जो अपने आपमें कई तरह के सवाल खड़ा कर रहा है।अब गौर करने वाली बात यह भी है कि शिकायत के बावजूद व जांच में मामला सही पाये जाने के बावजूद भी राजस्व विभाग अवैध कब्जा धारकों पर मेहरबान क्यों है।यह जांच का विषय है।वहीं हल्का लेखपाल अखिलेश सिंह ने बताया कि कुछ लोगों द्वारा तालाब की भूमि पर गांवो के कुछ लोगो द्वारा पाट कर अतिक्रमण करने की शिकायत मिली थी।मौके पर जाकर जांच की गयी जांच में मामला सही भी पाया गया है।प्रधान को मनरेगा के अंतर्गत खुदाई कराने का निर्देश दे दिया गया है।अब सवाल यह भी है कि तालाब जैसी सरकारी सुरक्षित भूमि पर हो रहे अवैध कब्जा व अतिक्रमण के खिलाफ जहां सरकार सख्त है।वहीं आखिर महीनों बीत जाने के बावजूद भी ग्राम प्रधान राजस्व विभाग के दिशा निर्देशों पर गंभीर होते नही दिखायी दे रहें है।जो राजस्व व प्रशासनिक व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर रहा है।अब देखना होगा कि राजस्व विभाग के जिम्मेदार इस मामले को लेकर कब गंभीर होगें।यह तो आने वाला वक्त ही बतायेगा।