एक ही दल में दो माननीयों की दावेदारी से कार्यकर्ताओ में गुटबाजी।

एक ही दल में दो माननीयों की दावेदारी से कार्यकर्ताओ में गुटबाजी।

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रिपोर्ट-शिवम अवस्थी
 मो-9451782183


महराजगंज-रायबरेली-चुनावी घोषणा होने के बाद अभी तक प्रत्याशियों के नामों की घोषणा न होने से मतदाताओं में तरह तरह की चर्चाएं प्रबल हो रही हैं। चाय पान की दुकानों पर आम आदमी आगामी चुनाव व उसके परिणामों की चर्चा करते देखे जा रहे हैं। लोगो का कहना है कि इस बार प्रत्याशियों की घोषणा न होने से मतदाता अभी असमंजस में हैं। तो वहीं सम्भावित प्रत्याशियों के समर्थक भी अपना दम खम लगाने से पीछे हट रहे हैं।
   चर्चाओ के बाजार में हो रही चचाओं मेें पूर्व माननीयों की चर्चा सबसे अधिक है। बात की जाय तो इस बार एक पार्टी में दो दो पूर्व माननीयों ने टिकट की दावेदारी कर रखी है जिससे पार्टी कार्यकर्ता दो खेमों में बंटे नजर आ रहे हैं। यही नहीं पार्टी कार्यकर्ताओं में भी चर्चा है कि दो दो बार बछरावां विधान सभा में सत्ता के विधायक रहने व अपने को पार्टी का सच्चा सिपाही कहने वाले माननीय को जब 2017 के चुनाव में गठबंधन के चलते टिकट न मिला तो दूसरी पार्टी का झण्डा उठा चुनावी मैदान में कूद गये। हालांकि चुनाव में उन्हे मुंह की खानी पड़ी और जीत तो क्या जीत के लक्ष्य से कोसों दूर रहे। वहीं बात की जाय 2022 के चुनाव की तो इस बार दूसरे दल से आये एक और पूर्व माननीय की दावेदारी पार्टी में प्रबल मानी जा रही है। ऐसे में सच्चे सिपाही का टिकट के लिए दूसरी पार्टी में जाने के कयास लगाये जा रहे हैं। तो वहीं पार्टी के कार्यकर्ता भी दो खेमों में बंट गये हैं। राजनीतिक भाषा के अनुसार तो दो दो लोगो के पार्टी में प्रचार करने से पार्टी का लाभ माना जाता है परन्तु बछरावां विधान सभा की तस्वीर कुछ और ही बयां कर रही है।