धर्म की दीवार तोड़कर एक दूजे के हो गए महेंद्र व माही

धर्म की दीवार तोड़कर एक दूजे के हो गए महेंद्र व माही
धर्म की दीवार तोड़कर एक दूजे के हो गए महेंद्र व माही
धर्म की दीवार तोड़कर एक दूजे के हो गए महेंद्र व माही
रिपोर्ट-- केशवानंद शुक्ला
मो- 7309336397

रायबरेली---दो जवां दिलो का प्यार इस कदर परवानं चढ़ा कि धर्म की सीमांए तोड़कर दोनो ने जीवन भार साथ निभाने का वचन लिया यही नहीं बकायदा हिन्दू धर्म के अनुसार सात फेरे लेकर सातो वचनो को मानकर एक दूजे के हो लिए। मामला रायबरेली जिले के डलमऊ कोतवाली क्षेत्र के गफूरपुर जलालाबाद मजरे भरसना गांव के रहने वाले महेन्द्र द्विवेदी पुत्र रवि शंकर काम के सिलसिले में मुम्बई गया था जहां उसकी मुलाकात आयशा पुत्री रहमत अली शेख से हुई और दोनो में प्यार परवान चढ़ने लगा। इसी लाकडाउन में दोनो ने एक होने की ठान ली और जैसे ही अनलाक वन की शुरूवात हुई दोनो रायबरेली आ गये और बकायदा हिन्दू धर्म के अनुसार आयसा ने अपना हिन्दू धर्म ग्रहण कर अपना नाम माही रखा और हिन्दू रीति-रिवाज से शहर स्थिति गायत्री शक्ति पीठ में परिजनो की मौजूदगी में दोनो ने सात फेरे लिए। पंडित जी ने मंत्रोच्चारण कर दोनो का विवाह सम्पन्न करवाया।

तो यूं बनी आयशा से दुल्हनियां माही----------

दरअसल कई वर्ष पूर्व आयशा की माॅ छाया ने प्रेम प्रसंग में रहमत अली शेख से निकाह कर मुम्बई चली गयी थी जहां पर उसने आयशा को जन्म दिया पर कहते है न कुदरत का खेल निराला होता है एक बार फिर आयशा अपनी मां के नक्शे कदम पर चल कर अपनी मां के ही गांव के रहने वाले महेन्द्र द्विवेदी से मुम्बई में ही आंखे चार हुई बात इस कदर बढ़ी की दोनो ने एक दूजे के साथ जीने मरने की कसमें खांई और उसे पूरा करने के लिए मुम्बई से रायबरेली का सफर तय कर लिया और रायबरेली आकर आयशा ने हिन्दू धर्म स्वीकार करते हुए माही बनकर महेन्द्र के साथ सात फेरे लेकर एक हो गये।

इन्होने  दिया साथ तो बनी इन जोड़ो की बात-----
डलमऊ कोतवाली क्षेत्र के भरसना स्थित अवधूत आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी राघव दास जी महाराज के सम्पर्क में बचपन से ही वर वधू के परिवारीजन थे। स्वामी जी कीे दो सप्ताह पूर्व इन प्रेमी जोड़ो से मुलाकात हुई और दोनो ने एक साथ जीने व मरने की कसमें खा रखी थी जिसको लेकर दोनो ने अपनी आपबीती स्वामी जी को बतलाई जिसके बाद स्वामी जी ने दोनो के परिजनो से बात की और सर्व समाज के लोगो से बातचीत कर दोनो की समस्याएं बतलाई जिसके बात आपसी सहमति बनी और लोगो के सहयोग से रविवार को शहर के गायत्री शक्ति पीठ में दोनो का विवाह सम्पन्न करवाया गया। इस विवाह में दूर दराज के लोगो ने भी बढ चढ़कर सहभागिता कर आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया ।

इन लोगों की रही सहभागिता

महंत कृष्ण बिहारी ,विंध्यवासिनी त्रिपाठी ,अभिलाष चंद्र कौशल, पंकज तिवारी , प्रदीप त्रिवेदी, शशिकांत तिवारी, प्राणेन्द्रनाथ त्रिपाठी, लायक सिंह, श्याम नारायण  साहू , महेंद्र अग्रवाल, रत्नेश गुप्ता, कमलाकांत पांडे, अमित अवस्थी ,गुड्डू निर्मल, अजय बाजपेई आदि रहे।

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