स्कूलों में 11 महीने बाद बच्चों की चहल-पहल की सुनाई दी आवाज

स्कूलों में 11 महीने बाद बच्चों की चहल-पहल की सुनाई दी आवाज

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बछरावां रायबरेली-- कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन तथा कोविड-19 से बच्चों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से सरकार द्वारा बंद किए गए प्राइमरी व जूनियर स्कूलों में फिर से रौनक दिखाई पड़ने लगी सरकार द्वारा 1 मार्च से कुछ नियम व शर्तों का पालन करते हुए स्कूलों को खोलने के निर्देश दिए गए थे उसी क्रम में शिक्षकों द्वारा छात्रों को बुलाया गया स्कूल पहुंचने वाले छात्रों को मास्क वितरित किए गए तथा उनके हाथों को सैनिटाइज कराया गया इतना ही नहीं विद्यालय आने वाले छात्रों को अध्यापकों के द्वारा रोली व चंदन लगाया गया।
 एवं मिठाई खिलाई गई, गोझवा मना खेड़ा के प्रधानाध्यापक लोकप्रिय आशुतोष शुक्ला ने बताया कि कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए शिक्षण कार्य प्रारंभ किया गया है वही शेखपुर समोधा विद्यालय में अध्यापकों द्वारा बच्चों को एक निश्चित दूरी के अनुसार बिठाया गया, तथा विद्यालय के प्रधानाध्यापक लोकतंत्र शुक्ला ने बताया कि विगत कि 11 महीनों के बाद बुलाए गए छात्रों को सर्वप्रथम कोविड-19 के नियमों की जानकारी दी गई और उन्हें 2 गज दूरी का अनुपालन करने के लिए प्रेरित किया गया उन्होंने बताया कि फिलहाल अभी छात्रों की संख्या कब आ रही है धीरे धीरे अभिभावकों से मिलकर छात्रों को विद्यालय लाने का प्रयास किया जाएगा।
ज्ञात हो कि इस बार पूरा सत्र इस महामारी की चपेट में आ गया था नया सत्र शुरू होने में मात्र चंद दिन बाकी रहे ऐसे में अध्यापक छात्रों से किस प्रकार इम्तिहान लेंगे और अगली कक्षा में जाने का उन्हें अवसर मिल पाएगा ,प्राइवेट विद्यालयों में अभिभावकों द्वारा बच्चों को भेजने से किनारा किया जा रहा है उनका कहना है अगर वह अपने बच्चों को इन प्राइवेट विद्यालयों में भेज भी दे तो प्रबंधन द्वारा पूरे वर्ष की फीस ली जाएगी जो इस बढ़ती हुई महंगाई में बर्दाश्त कर पाना उनके लिए संभव नहीं है अभिभावकों का यह भी कहना है कि सरकार द्वारा प्राइवेट विद्यालयों को निर्देशित किया जाए कि वह बंद अवधि का पैसा न लेकर 1 मार्च से शिक्षण कार्य आरंभ कर रहे हैं इसी अवधि का शुल्क वसूल करें ,इसके विपरीत प्राइवेट विद्यालय के द्वारा दलील दी जा रही है कि अगर वह पूरी फीस नहीं लेंगे तो उनका विद्यालय कैसे चलेगा ,वैसे कुछ विद्यालय प्रबंधकों द्वारा फीस माफी का ऐलान भी किया जा रहा है।