सासंद राहुल गांधी को लेकर लगाए गए भड़काऊ पोस्टर

सासंद राहुल गांधी को लेकर लगाए गए भड़काऊ पोस्टर

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रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)
मो-8573856824


रायबरेली शहर में शुक्रवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब शहर के विभिन्न इलाकों में विवादित और भड़काऊ पोस्टर व बैनर लगे दिखाई दिए। दीवारों, बिजली के खंभों और सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए इन पोस्टरों में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया है, जिससे राजनीतिक और सामाजिक माहौल गरमा गया है।
पोस्टरों में “गद्दार कौन?” और “नकली गांधी श्री राहुल गांधी” जैसे नारे लिखे गए हैं। जैसे ही लोगों की नजर इन पोस्टरों पर पड़ी, मामला चर्चा का विषय बन गया और देखते ही देखते सोशल मीडिया पर भी तस्वीरें वायरल होने लगीं।
इस पूरे मामले को लेकर सियासी गलियारों में इसलिए भी हलचल तेज है, क्योंकि एक दिन पहले ही उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के फेसबुक अकाउंट पर भी इसी तरह का एक पोस्ट साझा किया गया था। इसके बाद अगले ही दिन पूरे शहर में ऐसे पोस्टर लग जाना कई सवाल खड़े कर रहा है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि पोस्टर किसने और किनके निर्देश पर लगाए।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन हरकत में आया। पुलिस टीमों ने शहर के अलग-अलग इलाकों से पोस्टर हटवाने की कार्रवाई शुरू की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला शांति व्यवस्था और कानून-व्यवस्था से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसे गंभीरता से लिया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि पोस्टर लगाने वालों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। यदि यह कृत्य किसी व्यक्ति या समूह द्वारा जानबूझकर माहौल खराब करने की नीयत से किया गया पाया गया, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, कांग्रेस समर्थकों और कार्यकर्ताओं में इस घटना को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। उनका आरोप है कि यह एक सोची-समझी साजिश है, जिसका मकसद राजनीतिक माहौल को बिगाड़ना और राहुल गांधी की छवि को नुकसान पहुंचाना है। कांग्रेस नेताओं ने दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल शहर में स्थिति सामान्य है, लेकिन प्रशासन सतर्क है। पुलिस लगातार गश्त कर रही है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। पूरे मामले पर अब सभी की नजरें प्रशासनिक कार्रवाई और आगे की राजनीतिक प्रतिक्रिया पर टिकी हुई