रायबरेली:ऊंचाहार में अंधेरे में डूबा गांव, बिजली बहाली के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

रायबरेली:ऊंचाहार में अंधेरे में डूबा गांव, बिजली बहाली के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

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रिपोर्ट-सागर तिवारी



ऊंचाहार, रायबरेली। रायबरेली जिले के ऊंचाहार अंतर्गत धमधमा मजरे बेहरवा (नया पुरवा) गांव में बिजली संकट से त्रस्त ग्रामीणों का धैर्य सोमवार को जवाब दे गया। पिछले करीब चार से सात दिनों से गांव का ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण आधी से ज्यादा आबादी अंधेरे में रहने को मजबूर है।
रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप
ग्रामीणों ने बिजली विभाग और वहां काम करने वाले निजी कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। गांव के निवासी ओम प्रकाश ने बताया कि जब उन्होंने लाइन जोड़ने का अनुरोध किया, तो उनसे ₹2000 की रिश्वत मांगी गई। उन्होंने दुखी मन से कहा, "हम गरीब लोग इतने पैसे कहां से लाएं?" इसी मामले से संबंधित एक ऑडियो भी सामने आया है, जिसमें कथित तौर पर ₹1000 से ₹1500 के बीच लेन-देन और चंदा इकट्ठा करने की बात की जा रही है।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
सोमवार की शाम को राजेश मौर्य, लक्ष्मीकांत, रमाकांत, श्रीकांत और अन्य दर्जनों ग्रामीणों ने खराब ट्रांसफार्मर के पास एकत्रित होकर बिजली विभाग के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने विभाग में शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अधिकारियों का पक्ष
मामला तूल पकड़ने पर जेई अनुपम त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि उन्हें इस स्थिति की पहले जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि जिस व्यक्ति पर रिश्वत मांगने का आरोप लग रहा है, वह विभाग का आधिकारिक कर्मचारी नहीं है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि जल्द ही नया ट्रांसफार्मर लगवाकर गांव की बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से बहाल कर दी जाएगी।
फिलहाल, कड़ाके की ठंड और अंधेरे के बीच सैकड़ों ग्रामीण बिजली आने का इंतजार कर रहे हैं।