रायबरेली--नहीं बंटे कंबल,न जले अलाव,ठंड में ठिठुर रहे लोग

रायबरेली--नहीं बंटे कंबल,न जले अलाव,ठंड में ठिठुर रहे लोग

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रिपोर्ट--सुधीर अग्निहोत्री

अफसरों द्वारा अलाव जलाने की व्यवस्था में बरती जा रही लापरवाही

ठंड में सिकुड़ते नजर आ रहे हैं निराश्रित लोग

अलाव न जलने पर अफसरों को कोस रहे हैं राहगीर

लालगंज(रायबरेली)--जिले में शीतलहर का प्रकोप लगातार जारी है।गत चार दिन से पड़ रही कड़ाके की ठंड से आम जनजीवन बेहाल है।वहीं,शीत लहर से बचाने के लिए इस बार जिला प्रशासन और तहसील प्रशासन ने न तो पर्याप्त (उपलब्ध) कंबल बांटे हैं और न ही अलाव जलाने की व्यवस्था सुचारू रूप से शुरू की है।जिससे निराश्रित लोग ठंड में सिकुड़ते नजर आ रहे हैं।वहीं,राहगीर भी अलाव न जलने पर अफसरों को कोस रहे हैं।सोमवार को लालगंज तहसील प्रशासन द्वारा अलाव की व्यवस्था न होने पर लोग ठिठुरते नजर आए।सर्दी से निराश्रितों-राहगीरों को बचाने के लिए शासन के निर्देश पर एक दिसंबर से अलाव जलने शुरू हो जाते हैं।लेकिन इस बार जहां एक दिसंबर से ठंड का असर कुछ कम रहा।वहीं,अफसरों द्वारा भी अलाव जलाने की व्यवस्था में लापरवाही बरती गई और कंबल बांटने को लेकर भी अफसरों ने कोई तैयारी शुरू नहीं की है।जबकि,शासन द्वारा कंबल वितरण और अलाव को लेकर धनराशि जारी की जा चुकी है। जानकारी के अनुसार गत तीन दिन पूर्व मौसम ने अचानक करवट बदला और सर्द हवाओं के चलने से गलन बढ़ गई।
रविवार को न्यूनतम तापमान जहां चार डिग्री सेल्सियस मापा गया,वहीं,सोमवार को न्यूनतम तापमान लगभग तीन डिग्री के आसपास रहा।जिसके बाद प्रशासन द्वारा अपने क्षेत्र के सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था कर देनी चाहिए थी,लेकिन लालगंज तहसील प्रशासन अभी तक मूकदर्शक बने हुआ है।वहीं,दूसरी और मौसम में तेजी से हो रहे परिवर्तन के चलते सार्वजनिक स्थलों पर लोग अलाव के साथ निराश्रित कंबल वितरण का इंतजार भी कर रहे हैं।लालगंज तहसील क्षेत्र के अंतर्गत सरेनी ब्लॉक में भी जिम्मेदारों द्वारा जमकर लापरवाही बरती जा रही है!सरेनी क्षेत्र में भी कहीं भी सार्वजनिक व चौराहों पर अलाव की कोई व्यवस्था प्रशासन द्वारा की गई नहीं दिख रही है और न ही जरुरतमंदों को कंबल वितरण होता दिख रहा है!