रायबरेली: अखिलेश यादव की हिरासत पर भड़के सपाई, CEC ज्ञानेश कुमार का फूंका पुतला
रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)
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रायबरेली। दिल्ली में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद रायबरेली में सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। मंगलवार को शहीद चौक पर जुटे सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंककर विरोध दर्ज कराया। दिल्ली में अखिलेश यादव समेत विपक्षी नेताओं को चुनाव आयोग की ओर मार्च के दौरान हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई थी।
शहीद चौक पर हुए प्रदर्शन में सपा नेता अखिलेश माही, राहुल निर्मल बागी, निलेश यादव, हेमंत कुशवाहा, बबलू यादव, ऋषभ सेन, केडी यादव समेत करीब एक दर्जन कार्यकर्ता शामिल रहे। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अखिलेश यादव की तत्काल रिहाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान सपा नेता अखिलेश माही ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सपा और विपक्ष लगातार मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि मतदाता सूची से बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए गए हैं और इनमें पीडीए वर्ग के मतदाताओं के नाम भी शामिल हैं। हालांकि, ये आरोप सपा नेताओं के हैं और इन पर चुनाव आयोग का पक्ष अलग है। चुनाव आयोग ने एसआईआर को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है।
अखिलेश माही ने कहा कि "ज्ञानेश कुमार बीजेपी और सरकार का मोहरा हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि जब सपा प्रमुख अखिलेश यादव इन मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरे तो उन्हें हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक आवाज को दबाने की कार्रवाई बताया।
सपा नेता ने कहा कि "देश की जनता सब देख रही है, यह तानाशाही ज्यादा दिन नहीं चलेगी।" उन्होंने अखिलेश यादव को तत्काल रिहा किए जाने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता बड़े आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरेंगे।
गौरतलब है कि रायबरेली में इससे पहले भी सपा कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया था। पांच अक्टूबर को सुपर मार्केट से शहीद चौक तक पैदल मार्च के बाद पुतला फूंकने को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक और धक्कामुक्की की स्थिति बनी थी।
दिल्ली में छह अक्टूबर को अखिलेश यादव समेत विपक्षी नेताओं को चुनाव आयोग कार्यालय की ओर मार्च के दौरान पुलिस ने हिरासत में लिया। विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर विरोध कर रहे हैं

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