रायबरेली-बरउवा में गूंजी श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की कथा, माखन चोरी पर जमकर थिरके श्रद्धालु

रायबरेली-बरउवा में गूंजी श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की कथा, माखन चोरी पर जमकर थिरके श्रद्धालु

-:विज्ञापन:-

रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)

मो-8573856824


सतांव-रायबरेली-विकास क्षेत्र के बरउवा गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में सोमवार को कथा व्यास आचार्य अभिषेकाचार्य महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, माखन चोरी, पूतना एवं वकासुर वध की कथा सुनाई। श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और माखन चोरी का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे।
कथा व्यास आचार्य अभिषेकाचार्य महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का बाल स्वरूप आज भी कण-कण में जीवंत है। यशोदानंदन की लीलाएं केवल पौराणिक कथाएं नहीं, बल्कि प्रेम, धर्म और न्याय का संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि गोकुल में श्रीकृष्ण की माखन चोरी की लीला प्रेम का प्रतीक थी। गोपियों का माखन भगवान के प्रति उनके प्रेम और समर्पण का प्रतीक था, जिसे श्रीकृष्ण सहर्ष स्वीकार करते थे।
उन्होंने पूतना वध की कथा सुनाते हुए कहा कि कंस ने कृष्ण को मारने के लिए राक्षसी पूतना को भेजा था। विषैला दूध पिलाने पहुंची पूतना के प्राण ही भगवान श्रीकृष्ण ने हर लिए। इससे संदेश मिलता है कि भगवान के सामने छल और कपट टिक नहीं सकता।
वकासुर की कथा में आचार्य ने बताया कि कंस के भेजे वकासुर ने बगुले का रूप धारण कर कृष्ण को निगल लिया, लेकिन भगवान ने उसके भीतर ऐसा ताप उत्पन्न किया कि वह उन्हें उगलने पर मजबूर हो गया। इसके बाद श्रीकृष्ण ने उसकी चोंच फाड़कर उसका वध कर दिया। उन्होंने कहा कि भगवान की लीलाओं का श्रवण करने मात्र से भय और पापों का नाश होता है।
इस अवसर पर विनोद सिंह, संजय सिंह, राजेंद्र प्रताप सिंह, धर्मेंद्र सिंह, ओम प्रकाश सिंह, पवन सिंह, समीर सिंह, शिव कुमार सिंह, रणधीर सिंह, सुनील सिंह, अनिल कुमार, सौरभ सिंह, अमरेश, गौरव, राजेश बहादुर, अनुराग, गिरिजा शंकर सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।