रायबरेली-डलमऊ BDO साहब,बने नही की बदहाल हो गए RRC सेंटर

रायबरेली-डलमऊ BDO साहब,बने नही की बदहाल हो गए RRC सेंटर

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रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)
मो-8573856824


 रायबरेली- ब्लॉक में बैठे जिम्मेदार अधिकारी एवं ग्राम प्रधान सिर्फ रुपए हजम करने से बाज नहीं आ रहे है और जमीनी स्तर पर देखा जाए तो कचरा सेंटर महज शोपीस बनकर रह गए और झाड़ियों में तब्दील हो गए। सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों में स्वच्छता व्यवस्था सुधारने के लिए बनाए गए एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र(RRC) निष्क्रिय हो गए हैं। गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण के लिए केंद्रों का निर्माण किया गया था।डलमऊ ब्लॉक के दर्जनों गांवों में स्थापित आरआरसी सेंटरों में कचरा संग्रह की व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ी है।
सरकार ने गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण और निपटान हेतु इन केंद्रों का निर्माण कराया था साथ ही कचरा एकत्र करने के लिए गाड़ियां भी उपलब्ध कराई। इस केंद्र के शुरू होने से गांव में स्वच्छता व्यवस्था में सुधार आएगा। कूड़ा गाड़ी घर घर जाकर कचरा एकत्र करेगी। सारा कचरा RRC सेंटर में लाया जाएगा ।इससे गांव में स्वच्छता बनी रहेगी और गंदगी से होने वाली बीमारियों से बचाव होगा। लेकिन जमीनी स्तर पर इन केंद्रों की सक्रियता नहीं दिखाई दे रही है कई गांव में ना तो नियमित कचरा संग्रह हो रहा है और न ही कोई ठोस कार्य प्रणाली अस्तित्व में है इससे स्वच्छ भारत मिशन को झटका लग रहा है। डलमऊ विकास खंड में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए गए कचरा निस्तारण केंद्र (आरआरसी सेंटर) महज दिखावा बनकर रह गए हैं और कचरा निस्तारण केंद्र में ताले लटक रहे है। पंचायतीराज विभाग द्वारा करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद इन केंद्रों का उचित उपयोग नहीं हो रहा है। ब्लॉक में बैठे अधिकारियों व ग्राम प्रधान की लापरवाही और सफाई कर्मचारियों की उदासीनता के कारण गांवों में कचरा संग्रह का कार्य नहीं हो रहा है सिर्फ रुपयों का जमकर बंदरबाट किया जा रहा है। इस सम्बन्ध में एड़ियों पंचायत डलमऊ कैलाश नाथ पटेल ने बताया हैं हर मीटिंग में बताया जाता हैं आरआरसी सेंटर का संचालन शुरू करे। लापरवाही बरतने वाले ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी को नोटिस जारी किया जाएगा और वेतन रोका जाएगा ।