गांधी जयंती पर सबला ने दिया खादी, स्वदेशी और स्वच्छता का संदेश

गांधी जयंती पर सबला ने दिया खादी, स्वदेशी और स्वच्छता का संदेश

-:विज्ञापन:-

रिपोर्ट - अमन श्रीवास्तव 
मो - 8052996633

हरचंदपुर रायबरेली: गांधी जयंती के उपलक्ष्य में सबला संस्था एवं  उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम सभा मुबारकपुर तथा सनराइज पब्लिक स्कूल, मोहम्मद मऊ (कठवारा) में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं, महिलाओं एवं ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम के दौरान खादी ग्रामोद्योग संस्थान से आयी शुभाश्री जी  (पीएमसी)ने छात्र-छात्राओं एवं महिलाओं को खादी एवं ग्रामोद्योग के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खादी एवं ग्रामोद्योग का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में खादी तथा पारंपरिक उद्योगों को बढ़ावा देना, ग्रामीण कारीगरों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाना है।

इस अवसर पर प्रतिभागियों को स्थानीय एवं स्वदेशी उत्पादों को अपनाने तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा देने का संकल्प दिलाया गया। छात्र-छात्राओं के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया। प्रतियोगिता में संध्या, सुवालिया बानो, सानिया, प्रतीक, आराधना सिंह, अमन, मोहम्मद अशफाक, रूही साहू, सुहागिनी एवं अंजली शर्मा सहित प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए गए।

सनराइज पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रताप सिंह ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों के ज्ञान, आत्मविश्वास और मनोबल को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

इसी क्रम में स्लोगन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें अनीशा, दीपांजलि, अंजली एवं आंचल को उत्कृष्ट स्लोगन के लिए पुरस्कार प्रदान किए गए।

सबला संस्था की ओर से शुभा जी ने खादी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि खादी प्राकृतिक एवं आरामदायक कपड़ा है, जो मौसम के अनुकूल रहता है। उन्होंने बताया कि महात्मा गांधी जी ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान खादी, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विशेष महत्व दिया था।

खादी ग्रामोद्योग संस्थान से आयी  शुभा श्री जी ने खादी की विशेषता बताते हुए कहा कि हाथ से काते और बुने जाने के कारण खादी के धागों में कहीं मोटाई और कहीं पतलापन दिखाई देता है। यही इसकी प्राकृतिक एवं हस्तनिर्मित पहचान है।

कार्यक्रम के दौरान गीत, जागरूकता रैली एवं स्वच्छता गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। रैली के माध्यम से स्वच्छता अपनाने, खादी के महत्व तथा स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के संदेश दिए गए। महिलाओं ने आंगनबाड़ी केंद्र के आसपास साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया और अपने घर तथा आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित छात्र-छात्राओं, महिलाओं एवं ग्रामीणों ने स्वच्छता अपनाने, खादी एवं स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने तथा स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सबला संस्था, समर्थ परियोजना के कार्यकर्ताओं तथा खादी ग्रामोद्योग संस्थान के प्रतिनिधियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।