आईटीआई (महिला) में बालिकाओं को बाल विवाह के बारे में किया गया जागरूक

आईटीआई (महिला) में बालिकाओं को बाल विवाह के बारे में किया गया जागरूक

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रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)
मो-8573856824


रायबरेली- जिलाधिकारी हर्षिता माथुर एवं मुख्य विकास अधिकारी अंजूलता के निर्देशानुसार व जिला प्रोबेशन अधिकारी  जयपाल वर्मा के कुशल मार्गदर्शन में महिला कल्याण विभाग की हब फॉर इंपावरमेंट ऑफ वूमेन टीम द्वारा बाल विवाह मुक्त भारत 100 दिवसीय अभियान के अंतर्गत राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (महिला) रायबरेली में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
          इस अवसर पर जिला मिशन कोऑर्डिनेटर शेफाली सिंह द्वारा सभी को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के विषय में विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए हुए बताया गया कि बाल विवाह करने से बच्चों का शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास पूर्णतया नहीं हो पता है जिससे बालक एवं बालिकाओं का  पूरा जीवन अंधकारमय बीतता है। बाल विवाह बच्चों का बचपन छीन लेता है और उनकी खुशहाली को खतरे में डाल देता है 18 साल से कम उम्र में शादी करने वाली लड़कियों के घरेलू हिंसा का शिकार होने की संभावना ज्यादा होती है और उनके स्कूल में बने रहने की संभावना भी कम होती है। बाल विवाह करना एक कानून अपराध है यदि कोई भी व्यक्ति बाल विवाह करता है तब उसको 1 लाख रुपए जुर्माने एवं 2 वर्ष तक का कठोरतम कारावास या फिर दोनों से दंडित किया जाएगा ।परिवार ,समाज, समुदाय एवं देश के प्रत्येक नागरिक को बाल विवाह रोकने हेतु सक्रिय सहभागिता के साथ बाल विवाह का अंत करना होगा तभी बाल विवाह मुक्त भारत संभव हो सकेगा। 
          जेंडर स्पेशलिस्ट पूजा तिवारी द्वारा बताया गया कि विवाह करने की उम्र लड़की की 18 वर्ष से अधिक तथा लड़के की उम्र 21 वर्ष पूर्ण होनी चाहिए। इस अवसर पर उपस्थित सभी ने बाल विवाह मुक्त भारत बनाने के प्रतिज्ञा की, ‘‘मैं शपथ लेता/लेती हूँ कि मैं बाल विवाह के खिलाफ हर संभव प्रयास करूँगा/करूँगी, यह सुनिश्चित करूँगा/करूँगी कि मेरे परिवार, पड़ोस या समुदाय में किसी भी बच्चे का बाल विवाह न हो, और बाल विवाह के किसी भी प्रयास की सूचना पंचायत और सरकार को दूँगा/दूँगी ताकि ‘‘बाल विवाह मुक्त भारत’’ का निर्माण हो सके।’’
          इसी दौरान बच्चों को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, वन स्टॉप सेंटर, बाल सेवा योजना,स्पॉन्सरशिप योजना, 181 महिला हेल्पलाइन, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, पति की मृत्यु पर निराश्रित महिला पेंशन योजना आदि विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई।
           इस अवसर पर संस्थान के अध्यापकगण उपस्थित रहे।