आखिर क्या ? अमेठी-रायबरेली से राहुल और प्रियंका का सरेंडर?

आखिर क्या ? अमेठी-रायबरेली से राहुल और प्रियंका का सरेंडर?

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रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)
मो-8573856824

लोकसभा चुनाव-2024 से ठीक एक महीने पहले सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि गांधी परिवार अमेठी और रायबरेली लोकसभा सीट से चुनाव नहीं लड़ेगा।सूत्रों ने कहा कि प्रियंका गांधी वाड्रा उत्तर प्रदेश के रायबरेली निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव नहीं लड़ सकती हैं। वहीं राहुल गांधी केवल केरल के वायनाड लोकसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं। ऐसे में कहा जा रहा है कि यूपी में अमेठी-रायबरेली की विरासत को गांधी परिवार छोड़ने वाला है।

हालांकि, इससे पहले 10 मार्च को कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई ने सर्वसम्मति से 2024 के लोकसभा चुनावों में अमेठी और रायबरेली सीटों पर गांधी परिवार से उम्मीदवारी के लिए एक प्रस्ताव पारित किया था। सोशल मीडिया पर भी कई पत्रकरों ने दावा किया है कि प्रियंका गांधी और राहुल गांधी दोनों ने अमेठी और रायबरेली से चुनाव लड़ने से मना किया है।
रायबरेली और अमेठी दोनों गांधी परिवार का गढ़ और पारंपरिक सीट रहा है। 

ऐसे में आइए जानें अमेठी और रायबरेली लोकसभा सीट का इतिहास।

अमेठी लोकसभा क्षेत्र का इतिहास?

  • अमेठी उत्तर प्रदेश का 72वां जिला है। उत्तर प्रदेश के 80 लोकसभा क्षेत्रों में से एक अमेठी भी है।
  • अमेठी जिला 1 जुलाई 2010 को अस्तित्व में आया था। शुरुआत में इसका नाम छत्रपति साहूजी महाराज नगर था लेकिन इसे बदलकर अमेठी कर दिया गया था।
  • अमेठी निर्वाचन क्षेत्र 1967 में बनाया गया था। पहले 1967 चुनाव में कांग्रेस के विद्या धर बाजपेयी यहां से पहले पहले सांसद बने थे। यह 1967 से नेहरू-गांधी का गढ़ रहा है।
    • संजय गांधी ने 1980 में अमेठी जीता और उनकी मृत्यु के बाद, उनके भाई और राहुल गांधी के पिता राजीव गांधी ने 1981 में अमेठी सीट जीती थी।
    • राजीव गांधी अमेठी से 1984, 1989 और 1991 तक सांसद रहें। 1991 में राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी। बाद में 1991 में सोनिया गांधी ने 1999 में इस सीट का प्रतिनिधित्व किया।
      • सोनिया गांधी के बाद अमेठी से राहुल गांधी 2004 से चुनाव लड़ रहे थे। राहुल गांधी 2004 से 2019 तक अमेठी के सांसद रहें।
      • 2019 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नेता और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को लगभग 55,000 वोटों से हरा दिया था।

रायबरेली लोकसभा क्षेत्र का इतिहास?

  • रायबरेली लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस का गढ़ रहा है। रायबरेली सीट से सिर्फ तीन बार गैर-कांग्रेसी उम्मीदवार सांसद बने हैं। इस सीट से इंदिरा गांधी, फिरोज गांधी और सोनिया गांधी चुनाव लड़ चुकी हैं।
  • रायबरेली से बीते 20 सालों से सोनिया गांधी सांसद रही हैं। रायबरेली गांधी परिवार की परंपरागत सीट मानी जाती है।
  • रायबरेली सीट पर पहली बार चुनाव 1951-52 में हुए थे। उस वक्त यहां से फिरोज गांधी जीते थे। फिरोज गांधी इस सीट से फिर से 1957 के चुनाव में भी जीते।
    • 1962 के चुनाव में रायबरेली सीट से कांग्रेस के आरपी सिंह जीते थे। 1967 पहली बार रायबरेली से इंदिरा गांधी से चुनाव लड़ी थीं और जीती थीं। 1971 में भी इंदिरा गांधी जीतीं। 1977 में इंदिरा गांधी भारतीय लोकदल के राजनारायण से हार गई थीं।
    • 1980 में फिर से रायबरेली सीट से इंदिरा गांधी जीतीं। इसके बाद 1989 और 1991 में इस सीट से कांग्रेस की शीला कौल चुनाव जीतीं। 1996 और 1998 बीजेपी के अशोक सिंह ने जीत दर्ज की थी। 1999 में कांग्रेस नेता कैप्टन सतीश शर्मा जीते।
      • सोनिया गांधी साल 2004 के लोकसभा चुनाव में पहली बार रायबरेली सीट से चुनाव लड़ीं और जीतीं। इसके बाद 2009, 2014 और 2019 में भी सोनिया गांधी ने जीत दर्ज की थी।