रायबरेली-भगवान की कथा श्रवण से बड़ा कोई सुख नहीं - पीयूष जी महराज,,,

रायबरेली-भगवान की कथा श्रवण से बड़ा कोई सुख नहीं - पीयूष जी महराज,,,

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   रिपोर्ट-सागर तिवारी

ऊंचाहार - रायबरेली -क्षेत्र के दिलमनपुर गांव में चल रही श्रीमद भगवत कथा के दूसरे दिन  कथावाचक दिलीप तिवारी ( पीयूष जी महराज ) ने अमर कथा और सुखदेव जी महराज के जन्म का वर्णन किया । उन्होंने कहा कि भगवान की कथा को सुनना बड़े सौभाग्य और सुख की बात है ।
        कथा की शुरुआत करते हुए उन्होंने  कहा कि आप सब पर ठाकुर जी की कृपा है। जिसकी वजह से आप आज कथा का आनंद ले रहे है। श्रीमद भगवत कथा का रसपान कर पा रहें हैं क्योंकि जिन्हें गोविन्द प्रदान करते है जितना प्रदान करते है उसे उतना ही मिलता है। कथा में यह भी बताया की अगर आप भगवत कथा सुनकर कुछ पाना चाहते हैं, कुछ सीखना चाहते है तो कथा में प्यासे बन कर आए, कुछ सीखने के उद्देश्य से, कुछ पाने के उद्देश्य से आएं, तो ये भगवत कथा जरूर आपको कुछ नहीं बल्कि बहुत कुछ देगी।
     उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन विषय वस्तु को भोगने के लिए नहीं मिला है, लेकिन आज का मानव भगवान की भक्ति को छोड़ विषय वस्तु को भोगने में लगा हुआ है। उसका सारा ध्यान संसारिक विषयों को भोगने में ही लगा हुआ है। मानव जीवन का उद्देश्य कृष्ण प्राप्ति शाश्वत है। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन का उद्देश्य कृष्ण को पाकर ही जीवन छोड़ना है और अगर हम ये दृढ़ निश्चय कर लेंगे कि हमें जीवन में कृष्ण को पाना ही है तो हमारे लिए इससे प्रभु से बढ़कर कोई और सुख, संपत्ति या सम्पदा नहीं है।
     कथा के मुख्य यजमान कालिका प्रसाद तिवारी और कमला देवी है। इस दौरान क्षेत्र के वरिष्ठ समाजसेवी शिव करन तिवारी , विनोद कुमार तिवारी , राजेश कुमार तिवारी, अजय तिवारी , कृष्ण कुमार तिवारी , गजाधर तिवारी , मणि प्रकाश तिवारी , महेंद्र सिंह बाबा , आजाद शुक्ल , राहुल , अंकित , अनुराग , आकाश ,आयुष , शिवम् , रुद्र विनायक सहित सैकड़ों  की संख्या में ग्रामवासी और क्षेत्रीय लोग मौजूद थे।