करहल में अखिलेश को चुनौती देने का एसपी सिंह... तो किसानों को साधने का राजकुमार को मिला इनाम
लोकसभा चुनाव 2024 के लिए शनिवार को भारतीय जनता पार्टी ने सूबे की 80 में 51 सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए। अनुसूचित वर्ग के लिए आरक्षित आगरा लोकसभा सीट से सत्यपाल सिंह बघेल और फतेहपुर सीकरी से राजकुमार चाहर को दोबारा मौका दिया गया है।
पार्टी ने दोनों को ही अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी। जिन्हें उन्होंने बखूबी निभाया। हाल में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने पार्टी प्रत्याशियों के लिए इन राज्यों में पसीना बहाया था। राजकुमार चाहर को किसान आंदोलन के दौरान किसानों को साधने का इनाम मिला है।
जिले की दोनों सीटों पर टिकट वितरण में भाजपा ने जातिगत समीकरण के साथ अनुभव को तरजीह दी है। आगरा सुरक्षित सीट पर पिछले 15 साल से भाजपा काबिज है। 2019 में भाजपा के टिकट पर प्रोफेसर एसपी सिंह आगरा से पहली बार चुनाव जीतकर सांसद बने थे। उन्होंने बसपा के मनोज कुमार सोनी को 2.11 लाख वोट से हराया था। 2021 में भाजपा ने केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्यमंत्री बनाया।
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में एसपी सिंह बघेल को मुलायम के गढ़ मैनपुरी की करहल सीट पर अखिलेश यादव को चुनौती देने भेजा गया। उन्होंने यहां का चुनाव रोचक बना दिया। वर्ष 2023 में बघेल को विधि एवं न्याय की जगह केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री बनाया गया। हालांकि इस बार उन्हें फिरोजाबाद या मैनपुरी भेजे जाने की चर्चा भी चल रही थी। लेकिन पार्टी ने उन्हें आगरा सीट पर ही बरकरार रखा।
फतेहपुर सीकरी की जाट लैंड में राजकुमार चाहर ने 2019 में प्रदेश में सबसे बड़ी जीत दर्ज की। सिने अभिनेता राजबब्बर को 4.95 लाख वोट से हराया था। जिसके बाद भाजपा ने राजकुमार को किसान मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया। कृषि कानूनों को लेकर आंदोलित किसानों को साधने का इनाम मिला।
वहीं राजकुमार ने देशभर में नमो खेल प्रतियोगिताएं, सांसद खेल स्पर्धा जैसे आयोजन करके ग्रामीण खिलाड़ियों के लिए लगातार काम किया। उन्हें पार्टी ने दूसरे राज्यों में प्रचार को भी भेजा। दूसरी बार राजकुमार चाहर पर फतेहपुर सीकरी से भाजपा ने दांव लगाया है।
मथुरा से हेमा मालिनी, एटा से राजू भैया को टिकट
भाजपा ने मथुरा से हेमा मालिनी को तीसरी बार प्रत्याशी घोषित किया है। एटा से राजवीर सिंह राजू भैया को टिकट मिला है। इटावा से रामशंकर कठेरिया को दूसरी बार मौका मिला है। फिरोजाबाद, मैनपुरी, हाथरस सीट पर भाजपा ने अभी पत्ते नहीं खोले हैं। दूसरी सूची में सूबे की बाकी 30 सीटों पर भी प्रत्याशियों की घोषणा हो सकती है।

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