रायबरेली-बाल श्रमिकों के पसीने से तैयार हो रही सड़क,जिम्मेदार मौन

रायबरेली-बाल श्रमिकों के पसीने से तैयार हो रही सड़क,जिम्मेदार मौन

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रिपोर्ट-सागर तिवारी 




ऊंचाहार-रायबरेली -सरकार के लाख प्रयास के बावजूद बाल मजदूरी  समाप्त होने का नाम नहीं ले रही है। हद तो यह है कि श्रम विभाग भी खुलेआम हो रही बाल मजदूरी पर चुप्पी साधे हुए है। शिक्षा के अधिकार जैसे कानून भी ऐसे बच्चों को बाल मजदूरी के जाल से बाहर नहीं निकाल पा रहा है। प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत क्षेत्र के पटेरवा चौराहा से लक्ष्मीगंज होते हुए मिर्जापुर ऐहारी तक  करोड़ों की लागत से बन रही सड़क में नाबालिग बच्चों से काम करवाया जा रहा है। शर्मनाक बात यह है कि हल्का फुल्का नहीं, बल्कि भारी भरकम काम उनसे लिया जा रहा है।

      विभाग के  अभियंता एवं ठेकेदार का मुंशी मिलकर कम मजदूरी देने के लालच में और अपनी जेब भरने के चक्कर में इन नाबालिग बच्चों से काम करवा रहे हैं जिसका विडियों भी वायरल हो रहा है। जब सड़क बना रहे बच्चो से उनकी उम्र जानना चाहा तो मौके पर खड़े ठेकेदार के मुंशी ने उन्हें मौके से भगा दिया। यहीं नहीं   जब मौके पर पहुंचे ग्रामीण ने बाल श्रम का वीडियो बनाना चाहा तो मुंशी उससे उलझ गया। ग्रामीणों ने सड़क पर काम कर रही बच्ची की उम्र के बारे में पूछा तो बताया गया कि उसकी बच्चों की उम्र 11-12 साल है।  ग्रामीणों का आरोप है कि कार्यस्थल पर मिश्रन का पुरवा के पास निर्माण में गड्ढा कर बिना सीमेंट का है रोड़ा-पत्थर वह गिट्टी देकर कार्य पूरा किया जा रहा है। कार्यस्थल पर जेई कभी-कभार ही आते हैं। बाल श्रम रोकने के लिए सरकार द्वारा बनाए गए तमाम कानून सरकार द्वारा बनाई जा रही सड़क में ही तार तार की जा रही है । जिम्मेदार इस तरफ आंख बंद किए है ।
हाला की वायरल विडियों की पुष्टी आर, एक्सप्रेस नही करता है।