Raibareli-आधी-अधूरी तैयारियों के बीच परिषदीय विद्यालयों में शुरू हुआ शैक्षिक सत्र
रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)
मो-8573856824
रायबरेली-बेसिक शिक्षा विभाग की आधी-अधूरी तैयारियों के बीच परिषदीय विद्यालयों में नए शैक्षिक सत्र का सोमवार को आगाज हो गया। दावे थे कि पहले ही दिन सभी विद्यालयों में पुस्तकों का वितरण कर दिया जाएगा, लेकिन ज्यादातर स्कूलों में किताबें ही नहीं पहुंची हैं।
जिन स्कूलों में किताबें बांटी गईं, वहां भी सभी बच्चों को पुस्तकें उपलब्ध नहीं हो सकी।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवेंद्र प्रताप सिंह ने राही विकास क्षेत्र के कई विद्यालयों में मुआयना किया। कंपोजिट विद्यालय झकरासी में बच्चों को किताबें बांटी। जिला समन्वयक (सामुदायिक) डॉ. संजीव गुप्ता ने शहर के गोरा बाजार स्थित स्कूल में पाठ्य पुस्तकों का वितरण किया। प्राथमिक विद्यालय राजापुर में पहले दिन कक्षा एक में 14 बच्चों का प्रवेश हुआ।
नामांकन मेला के मद्देनजर गुब्बारों एवं फूलों से सजावट की गई। प्राथमिक विद्यालय पड़रक में वार्षिकोत्सव, परीक्षाफल वितरण, स्कूल चलो अभियान की रैली जैसे कई कार्यक्रम हुए। प्राथमिक विद्यालय हरदासपुर में कक्षा पांच के बच्चों को विदाई दी गई तो नए बच्चों के प्रवेश के लिए नामांकन मेला लगा।
बीआरसी में किताबें, स्कूलों तक नहीं पहुंचीं
डीह (रायबरेली)। विकास क्षेत्र में 86 प्राथमिक, 19 जूनियर और चार कंपोजिट स्कूल हैं। यहां अब तक किताबें नहीं पहुंची हैं। ब्लाक संसाधन केंद्र को महज कक्षा 3, 4 व 5 की किताबें मिली हैं, लेकिन स्कूलों तक नहीं पहुंचाई गईं। कक्षा एक, दो और जूनियर हाईस्कूल की किताबें आई ही नहीं। उत्तीर्ण हो चुके बच्चों की किताबों से पढ़ाई शुरू कराई गई है। खंड शिक्षा अधिकारी तरुण कुमार ने बताया कि किताबें पहुंचाई जा रही हैं।
रसोइयों ने खोला ताला, गुरुजी रहे अनुपस्थित
परशदेपुर (रायबरेली)। पूर्व माध्यमिक विद्यालय पदुमपुर में सुबह 9.09 बजे बच्चे कक्षा में बैठे रहे। शिक्षक की कुर्सी खाली रही। रसोइया सपना साहू एवं सोनी देवी ने बताया कि गुरुजी अवकाश पर हैं। पल्लवी, सविता, अमित, सूरज, आदिल, प्रदीप आदि बच्चों ने बताया कि गुरुजी नहीं तो रसोइये ने ताला खोला है। प्राथमिक विद्यालय बंगला में प्रार्थना के समय काफी बच्चे नहीं पहुंचे। काफी बच्चे रास्ते में मिले। प्रधानाध्यापक सुरेंद्र कुमार ने बताया कि किताबें नहीं मिली हैं।
नई किताबों का पता नहीं, पुरानी से पढ़े
महराजगंज (रायबरेली)। नई किताबें नहीं मिली है। बच्चे पुरानी किताबों से पढ़े। विकास क्षेत्र के 98 प्राथमिक, 14 जूनियर, 18 कंपोजिट विद्यालय में महज 15 स्कूलों में किताबें पहुंची हैं। प्रधानाध्यापक आलोक सिंह ने कहा कि किताबें नहीं मिली हैं। प्राथमिक विद्यालय ज्योना में भी यही हाल रहा।
कस्बे के जूनियर हाईस्कूल में 232 बच्चों में महज 85 उपस्थित रहे। प्रधानाध्यापक गायत्री देवी ने बताया कि किताबें अभी नहीं आई हैं। पुरानी किताबों से शिक्षण कार्य शुरू कराया है। खंड शिक्षा अधिकारी राम मिलन यादव ने कहा कि दो-तीन दिन में किताबें बंट जाएंगी।
तीन कक्षाओं को मिली सिर्फ हिंदी, अंग्रेजी की किताबें
सतांव (रायबरेली)। विकास क्षेत्र के 104 विद्यालयों में से कुछ स्कूलों के कक्षा तीन, चार, पांच के बच्चों को महज हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत की किताबें मिली हैं। हाजीपुर, सहजौरा, कोरिहर, पहाड़पुर खेड़ा, चंदवल, सतांव, मलिकमऊ चौबारा में किताबें बंटी। कक्षा एक और दो के लिए किताबें नहीं आई हैं।
कक्षा छह से आठ में पुरानी किताबें पढ़ाई जा रहीं हैं। खंड शिक्षा अधिकारी शीतल श्रीवास्तव ने कहा कि जल्दी ही सभी स्कूलों में किताबें बंट जाएंगी।
किताबें पाकर बच्चों के खिल उठे चेहरे
खीरों/शिवगढ़/ऊंचाहार (रायबरेली)। पहले दिन जिन बच्चों को किताबें मिली, उनके चेहरे खिल उठे। खीरों क्षेत्र के अतरहर, भीतरगांव, पाहो, लालपुर समेत कई स्कूलों में किताबें बांटी गईं। खंड शिक्षा अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि कक्षा तीन से पांच तक की किताबें बांटी गई हैं।
कंपोजिट विद्यालय शिवगढ़ में खंड शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार मिश्रा ने बच्चों को पुस्तकें बांटी गईं। ऊंचाहार क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय मुस्तफाबाद में खंड शिक्षा अधिकारी रिचा ने प्रवेश कराने आए बच्चों का माल्यार्पण किया। प्राथमिक विद्यालय गोपालपुर उधवन में 46 बच्चों को किताबें दी गईं। रामसांडा, सरांय तुलाराम आदि स्कूलों में भी किताबें बंटी।

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