रायबरेली-ऊंचाहार में भरण पोषण और कल्याण का पहला मामला

रायबरेली-ऊंचाहार में भरण पोषण और कल्याण का पहला मामला

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 रिपोर्ट-सागर तिवारी 

- उपखंड मजिस्ट्रेट न्यायालय में दर्ज हुआ वाद
ऊंचाहार-रायबरेली-क्षेत्र में भरण पोषण और कल्याण अधिनियम का पहला मामला सामने आया है । जिसमें पीड़ित ने अपने चार पुत्रों के विरुद्ध उपखंड मजिस्ट्रेट न्यायालय में वाद दर्ज किया है  मामला जगतपुर थाना क्षेत्र के गांव पूरे सेमान सिंह मजरे रामगढ़ टिकरिया का है । यहां के रहने वाले वृद्ध श्रीराम का कहना है कि वह अपनी वृद्ध पत्नी राजकुमारी के साथ अकेले रहते है । उनके चार पुत्र है । अपनी युवावस्था में उन्होंने अपना निजी व्यापार खड़ा किया था । जिसे उनके पुत्रों ने ले लिया है । वह लोग उनकी कोई देखभाल नहीं करते और न ही खाना पानी देते है । वह पति पत्नी भीख मांगकर किसी तरह जीवन यापन कर रहे है । अधिक उम्र होने के कारण उनका शरीर काफी दुर्बल है , और बीमार भी रहते है । उनके पुत्र उनकी संपत्ति पर काबिज है और उससे अच्छी आय अर्जित कर रहे है । इसके बावजूद वह वृद्ध दंपति  दर दर की ठोकरें खाने को विवश है । परेशान होकर वृद्ध ने सोमवार को तहसील के उपखंड मजिस्ट्रेट न्यायालय में भरण पोषण व कल्याण अधिनियम 2007 के तहत वाद दायर किया है ।