रायबरेली-गंगा एक्सप्रेस वे के खोदाई में मानक ताक पर , धरती को किया जा रहा छलनी,,,

रायबरेली-गंगा एक्सप्रेस वे के खोदाई में मानक ताक पर , धरती को किया जा रहा छलनी,,,

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रिपोर्ट-सागर तिवारी 

ऊंचाहार-रायबरेली-गंगा एक्सप्रेस वे निर्माण हेतु जिस प्रकार नियमों को ताक पर रखकर मिट्टी खनन किया जा रहा है , इसका दंश आने वाली पीढ़ियां भुगतेंगी । तय मानक से अधिक धरती को छलनी करके सबकुछ तहस नहस कर दिया जा रहा है , जिम्मेदारों की आंखे बंद है ।

मेरठ से प्रयागराज तक करीब 594 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेस-वे में तेजी से काम चल रहा है।  करीब 10 से 12 फुट ऊंचे एक्सप्रेस-वे में मिट्टी के पटान के लिए ठेकेदार ने किसानों की नियमानुसार मिट्टी लेने के स्थान पर सरकारी जगहों को निशाना बनाया जा रहा है । तय मानक को दरकिनार करके बड़े खतरनाक गड्ढे बना दिए गए है । कई स्थानों पर तो जगह जगह इतनी खोदाई की गई है कि कुएं जैसा आकार नजर आता है । इन विशाल गहरे गढ्ढों में दुर्घटनाएं भी हुई है और आने वाले बरसात के दिनों में यह गड्ढे कितनों की जान लेंगे , इसकी कल्पना ही रूह को कंपा देती है ।

रात में ठेकेदार करते है खेल 

खोदाई का अधिकतर काम रात में किया जाता है । इसमें राजस्व विभाग के लेखपाल की मिलीभगत भी होती है । पूरी रात गहरे गहरे गड्ढे बना दिया जाता है । सुबह जब ग्रामीण सोकर उठते है तो गांव के आसपास कुएं जैसे गड्ढे नजर आते है। कई बार कई गांवों के लोगों ने अधिकारियों से इसकी शिकायत भी की , किंतु जिम्मेदार अधिकारी सुन नहीं रहे है । हालात यह है कि ठेकेदारों ने गांव गांव मौत का कुआं तैयार कर दिया है ।