श्रीराम चरित मानस सम्मलेन का द्वितीय दिवस*

श्रीराम चरित मानस सम्मलेन का द्वितीय दिवस*

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रिपोर्ट -अनुज कौशल

सूची(सलोन)-रायबरेली जनपद के विकास खंड-सलोन के सूची कस्बे में चल रही चतुर्थ दिवस की कथा के दौरान उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद से पधारी कथा वाचिका-मानस माधुरी डा०प्रज्ञा मिश्रा ,गार्गी द्वारा अपने वक्तव्य के दौरान रामचरित मानस की चौपई- निर्मल मन जन सो मोहि पावा,मोहि कपट छल छिद्र न भावा । मन क्रम वचन छाँडि चतुराई, भजत कृपा करिहैं रघुराई।। को सुनाते हुये कहा कि ईश्वर कभी किसी दिखावे से या चालाकी से नही मिलते,जो जितना सरल होता है कपट रहित होता है भगवान उस को आसानी से मिल जाते है,महाग्रंथों पर चर्चा करते हुये कहा कि गीता योग का विषय है और भागवत वियोग का तथा श्रीराम चरित मानस प्रयोग का विषय है,इसी क्रम में मध्य प्रदेश के झांसी जनपद से पधारे हुये परीछा पीठाधीश्वर श्री जगत गुरु महाबीर दास ब्रम्हचारी जी महराज द्वारा -गांधितनय मन चिंता व्यापी,हरि बिनु मरहि न निसिचर पापी चौपाई सुनाते हुये कहा गया कि जब जब देश में अत्याचार, अनाचार व भ्रष्टाचार फैलता है तो सबसे अधिक चिंता साधु संतो को होती है,कथा के दौरान पं० बाल गोपाल त्रिपाठी जी, लाल पांडेय ,बृजेश सिंह,अरुण सिंह,चंद्रधर पांडेय,डा० के० बी० त्रिपाठी, अशोक चौरसिया, रामकुमार कौशल सहित समिति के सद्स्य व अन्य श्रोता मौजूद रहे।