श्रीराम चरित मानस सम्मलेन तृतीय दिवस की कथा

श्रीराम चरित मानस सम्मलेन तृतीय दिवस की कथा

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रिपोर्ट -अनुज कौशल

सूची-सलोन-रायबरेली जनपद के विकास खंड-सलोन के सूची कस्बे में चल रही चतुर्थ दिवसीय कथा के तीसरे दिन  उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद से पधारी कथा वाचिका-मानस माधुरी डा०प्रज्ञा मिश्रा ,गार्गी द्वारा अपने वक्तव्य के दौरान रामचरित मानस की चौपई- ''"कलि प्रभाव विरोध चहुँ ओरा" व "मंत्र महा मणि विषय व्याल के, मेटत कठिन कुअंक भाल के"  सुनाते हुये कहा कि कलियुग में तमोगुण की प्रधानता है इसलिये हर तरफ विरोध दिखाई दे रहा है,अत:हमें इससे बचने का प्रयास करना चाहिये, ईश्वर के आश्रित रहकर निरंतर राम नाम रूपी मंत्र का जप करना चाहिये, "करहिं अहार साल फल कंदा,सुमिरहि ब्रम्ह सच्चिदानंदा" भक्ति के मार्ग पर बढने वाले को अपना आहार -विहार शुद्ध रखना चाहिए, सात्विक भोजन करना चाहिए,शाकाहारी रहना चाहिये, जीवो पर दया करना चाहिये, प्रकृति के पास बहुत कुछ अच्छा है खाने के लिये ,इसी क्रम में झांसी जनपद से पधारे हुये परीछा पीठाधीश्वर श्री जगत गुरु महाबीर दास ब्रम्हचारी जी महराज द्वारा कहा गया कि हर पिता का कर्तव्य है कि अपनी संतानो को सनातन से जोडे,  जो सनातन रावण ,कंश,हिरणाकश्यप, व विदेशी आक्रांताओं के अत्याचारों से नही मिट सका ,उसे कोई माई का लाल मिटा नही सकता, जो भी अनाचारी सनातन के आडे आयेगा वह स्वयं मिट जायेगा,जो राम का नही वह किसी काम का नही ।कथा के दौरान  क्षेत्रीय विधायक-अशोक कुमार व भाजपा जिला उपाध्यक्ष- राजेंद्र चतुर्वेदी द्वारा कथा वाचकों का माल्यार्पण कर आशिर्वाद प्राप्त किया गया,इस अवसर पर ग्राम  विकास अधिकारी- के० के० पांडेय व मनीष श्रीवास्तव, पं० बाल गोपाल त्रिपाठी जी, जगतधर पांडेय,लाल पांडेय ,बृजेश सिंह,अरुण सिंह,चंद्रधर पांडेय,डा० के० बी० त्रिपाठी,अजय सिंह, सहित समिति के सद्स्य व अन्य श्रोता मौजूद रहे।