शिक्षकों की समस्याओं को अनदेखा कर लागू की जा रही डिजिटाइजेशन व्यवस्था

शिक्षकों की समस्याओं को अनदेखा कर लागू की जा रही डिजिटाइजेशन व्यवस्था

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रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)
मो-8573856824

आरएसएम ने परिषदीय विद्यालयों में व्याप्त समस्या पर डीएम को दिया ज्ञापन

परिषदीय विद्यालयों में डिजिटाइजेशन व्यवस्था को शिक्षकों की मौलिक समस्याओं के समाधान उपरांत लागू किए जाने के संबंध में।


रायबरेली। परिषदीय विद्यालयों में व्याप्त समस्याओं को नजरअंदाज करके विभाग की तरफ से शिक्षकों पर डिजिटाइजेशन व्यवस्था को थोपा जा रहा है। शिक्षकों पर जबरदस्ती थोपी जा रही इस व्यवस्था के खिलाफ़ राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (आरएसएम) ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को आरएसएम ने डिजिटाइजेशन व्यवस्था के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से देते हुए शिक्षकों ने कहा कि पहले शिक्षकों को सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए, तभी व्यवस्था को लागू किया जाएं। 

मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन देते हुए जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में डिजिटाइजेशन व्यवस्था प्रदेश के लखनऊ मण्डल एवं श्रावस्ती जनपद में दिनांक 20 नवंबर से लागू किया गया है। लेकिन डिजिटाइजेशन व्यवस्था में शिक्षकों की मौलिक समस्याओं को नजरअंदाज कर शिक्षक को मानव नहीं रोबोट समझते हुए लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि डिजिटाइजेशन की वर्तमान ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था शोषणकारी है, इसमें शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को आये दिन शोषित होना होगा, जिससे भय व असुरक्षा के वातावरण में शिक्षक की सृजनात्मक क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा तथा शिक्षण कार्य भी प्रभावित होगा। अतः बेसिक शिक्षा में ऑनलाइन उपस्थिति की व्यवस्था अन्य विभागों की भांति ही लागू की जाये।

जिला महामंत्री संजय कनौजिया ने कहा कि आकस्मिक अवकाश की श्रेणी में "हाफ डे लीव" का प्राविधान बेसिक शिक्षा में भी किया जाए, जिससे आकस्मिता की स्थिति में शिक्षक हाफ डे लीव का उपभोग कर सकें। इसके अलावा पदोन्नति प्रक्रिया में प्रत्येक विद्यालय में प्रधानाध्यापक को पदस्थापित किया जाए तथा इंचार्ज प्रधानाध्यापक की व्यवस्था को समाप्त किया जाए। जिससे प्रधानाध्यापक शिक्षण कार्य से मुक्त होकर शासन की मंशा के अनुरूप प्रबन्धक के रूप में विद्यालय व्यवस्था का संचालन, डिजिटाइजेशन , बैठकों का आयोजन, अभिभावक सम्पर्क सहित सभी कार्य सम्पादित कर सके।

जिला संगठन मंत्री मधुकर सिंह ने कहा कि जिले के अन्दर शिक्षकों के  स्थानान्तरण की प्रक्रिया प्रारम्भ कर उन्हें उनके निवास के विकास खण्ड अथवा निकटस्थ विकास खण्ड में विकल्प लेकर स्थानांतरित किया जाए। जिससे शिक्षक पूर्णं मनोयोग से प्रदेश को निपुण प्रदेश बनाने का कार्य कर सकेगें तथा मार्ग दुघर्टना की सम्भावना भी कम होगी। कैशलेस चिकित्सा का लाभ राज्य कर्मचारियों की भांति बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को भी प्रदान किया जाए। इसके अलावा राज्य कर्मचारियों की भांति शिक्षकों को भी प्रतिवर्ष 31 अर्जित अवकाश प्रदान किया जाये। अवकाश के दिनों में कार्य करने पर देय प्रतिकर अवकाश की व्यवस्था अन्य विभागों की  भांति बेसिक शिक्षा विभाग में भी लागू की जाए। टाइम एंड मोशन स्टडी आदेश 14 अगस्त 2020 में निर्धारित विद्यालय अवधि ग्रामीण परिवेशीय वातावरण के प्रतिकूल है । अतः बेसिक शिक्षा के ग्रामीण परिवेशीय विद्यालयों का शिक्षण समय प्रकृति के अनुकूल ग्रीष्मकाल में 7-12 तथा शीतकाल में प्रातः 9 से 3 बजे तक किया जाए।
इस मौके पर वीरेन्द्र चौधरी वरिष्ठ उपाध्यक्ष, संजय कुमार सिंह कार्यकारी अध्यक्ष, शशिदेवी व प्रतिमा सिंह जिला मंत्री, जयकरन जिला मीडिया प्रभारी, मोहित पटेल , संयुक्त महामंत्री हरिमोहन यादव, अंकित सिंह, दिनेश पाल, रामेश्वर नाथ प्रसाद, राम भारत राजभर, अजय सिंह, दीपक कुमार गुप्ता, आनंद कुमार, छोटेलाल गौतम, ब्रजेन्द्र कुमार, हरिशरण मौर्य, संजय सिंह, आलोक कुमार सिंह , अनूप सिंह गौड़, कौशलेंद्र सिंह, अनुराग मिश्रा, रविंद्र सिंह यादव , हरिवंश सिंह, सुमित चौहान, अमरेश द्विवेदी, श्रीकांत, मिश्रीलाल, राजेश कुमार, सुमन लाल, प्रेमचंद, कमलेंद्र प्रताप सिंह, आशुतोष मौर्या, वेद प्रकाश यादव, दीपक गुप्ता, सर्वेश कुमार, अखिलेश चौरसिया, दीपक कुमार पांडे, घनश्याम सिंह, संजय दीक्षित, संजय सिंह, मोहित पटेल, दिलीप पटेल, विनोद कुमार अग्निहोत्री, अभय श्रीवास्तव, दिनेश सिंह, अवनीश सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।