रायबरेली-मानवता की मिसाल: 48 घंटे में जुटाए 80 हजार, कैंसर पीड़ित धर्मेंद्र को मिली नई जिंदगी की उम्मीद
रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)
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रायबरेली-डलमऊ विकासखंड डलमऊ के उमरामऊ गांव में मानवता, सेवा और सामाजिक सहयोग की एक प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली है। गांव निवासी राजकुमार के 32 वर्षीय पुत्र धर्मेंद्र सिंह कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उनके इलाज और ऑपरेशन का खर्च जुटाना बेहद कठिन हो गया था। धर्मेंद्र के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं, जिनकी निगाहें अपने पिता के स्वस्थ होने की उम्मीद पर टिकी हुई हैं।
डॉक्टरों के अनुसार समय रहते ऑपरेशन और उपचार मिलने पर धर्मेंद्र की जान बचाई जा सकती है। लेकिन आर्थिक तंगी के चलते परिवार के सामने इलाज कराना एक बड़ी चुनौती बन गया था। ऐसे मुश्किल समय में सामाजिक संगठन वानर सेना धर्मेंद्र और उनके परिवार के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई।
बताया जाता है कि 22 जून 2026 को धर्मेंद्र के परिवार की ओर से वानर सेना प्रमुख धीरज सिंह चौहान से मदद की अपील की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वानर सेना ने तत्काल सहायता अभियान शुरू किया और महज 48 घंटे के भीतर करीब ₹80 हजार की धनराशि जुटाकर पीड़ित परिवार को सौंप दी।
इस पुनीत कार्य में वानर सेना के संरक्षक अजित प्रताप और बृजेश सिंह के साथ टीम के सदस्य महेंद्र सिंह, केपी सिंह, राजेंद्र वैश्य, अभिवेक श्रीवास्तव, प्रांशु यादव, बंटी सिंह, कुंवर विक्रम, हर्षित, वरुणेंद्र, संदीप, करन, गौरव सहित अनेक सहयोगियों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
स्थानीय लोगों ने वानर सेना की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह सहायता केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि एक परिवार के लिए नई उम्मीद और जीवन का संबल है। वानर सेना के सदस्यों ने यह साबित कर दिया कि यदि समाज एकजुट होकर आगे आए तो किसी भी जरूरतमंद की मदद संभव है।
यह पहल समाज में सेवा, सहयोग और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करने वाली एक प्रेरणादायक मिसाल बन गई है, जिसने यह संदेश दिया है कि सच्ची नीयत और सामूहिक प्रयास से हर मुश्किल परिस्थिति में उम्मीद की रोशनी जगाई जा सकती है।

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