रायबरेली-हेल्थकेयर के लिए डेटा साइंस पर इंटीग्रेटिव न्यूरोफिजियोलॉजी लेबोरेटरी और DHR–HRD नेशनल वर्कशॉप का उद्घाटन

रायबरेली-हेल्थकेयर के लिए डेटा साइंस पर इंटीग्रेटिव न्यूरोफिजियोलॉजी लेबोरेटरी और DHR–HRD नेशनल वर्कशॉप का उद्घाटन

-:विज्ञापन:-

रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)

मो-8573856824


एम्स रायबरेली की कार्यकारी निदेशक और सीईओ, प्रो. (डॉ.) अमिता जैन ने 24 सितंबर 2026 को लेक्चर थिएटर, ग्राउंड फ्लोर पर फिजियोलॉजी विभाग की इंटीग्रेटिव न्यूरोफिजियोलॉजी लेबोरेटरी (INL) का उद्घाटन किया और 24 से 26 सितंबर 2026 तक आयोजित "हेल्थकेयर के लिए डेटा साइंस" पर नेशनल हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग वर्कशॉप की शुरुआत की।
समारोह की शुरुआत परंपरागत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इंटीग्रेटिव न्यूरोफिजियोलॉजी लेबोरेटरी की स्थापना इवोक्ड पोटेंशियल, इलेक्ट्रोएन्सेफालोग्राफी और ऑटोनोमिक सिग्नल के माध्यम से मस्तिष्क की कार्यप्रणाली का अध्ययन करने के लिए की गई है, जिसमें आघात, माइग्रेन, मिर्गी और मेटाबोलिक बीमारी में संज्ञानात्मक बदलाव का जल्द और सटीक पता लगाने पर ध्यान दिया गया है। यह संस्थान के हर नैदानिक विभाग और स्नातकोत्तर व डॉक्टरेट छात्रों के लिए खुला है।
भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (DHR–HRD) द्वारा प्रायोजित तीन दिवसीय वर्कशॉप में आर एवं पायथन में एक्सपर्ट लेक्चर और हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग दी जा रही है, जिसमें डेटा क्लीनिंग और विज़ुअलाइज़ेशन, बायोस्टैटिस्टिक्स और सर्वाइवल एनालिसिस, बायोमेडिकल सिग्नल प्रोसेसिंग और मशीन लर्निंग शामिल हैं। आर एवं पायथन दो सबसे प्रमुख ओपन-सोर्स प्रोग्रामिंग भाषाएँ हैं। कार्यशाला में आईआईटी इंदौर, आईआईटी कानपुर, आईआईआईटी -दिल्ली, एसजीपीजीआईएमएस लखनऊ और सीबीएमआर लखनऊ से निशेषज्ञ वक्ताएं ने भाग लिया।
इस कार्यक्रम का आयोजन फिजियोलॉजी विभाग की इंटीग्रेटिव न्यूरोफिजियोलॉजी लैब द्वारा किया गया था, जिसके आयोजन विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) प्रबल जोशी और आयोजन सचिव डॉ. अरबिंद कुमार चौधरी थे, जबकि रजिस्ट्रार डॉ. संजय यादव समन्वयक रहे।