रायबरेली-ऊंचाहार में नियमों को ताक पर रखकर हो रहा प्लाटिंग का बड़ा खेल,,,,,

रायबरेली-ऊंचाहार में नियमों को ताक पर रखकर हो रहा प्लाटिंग का बड़ा खेल,,,,,

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रिपोर्ट-सागर तिवारी 

सरकारी जमीन तक बेंच रहे भूमाफिया , आंखे बंद किए जिम्मेदार* 

ऊंचाहार - रायबरेली-शासन ने भूमि की प्लाटिंग , विक्री के लिए कड़े नियम जारी किए है , जिससे अवैध प्लाटिंग पर अंकुश लग सके और सरकार के राजस्व में बढ़ोत्तरी हो , किंतु ऊंचाहार में गांव गांव फैला प्लाटिंग का मकड़जाल सारे नियमों को धता बता रहा है । भूमाफिया सरकारी जमीन तक बेंच रहे हैं , जिम्मेदार शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं कर रहे है ।


     इस समय शहर से जुड़े क्षेत्र के कई गांवों में भूमि प्लाटिंग का काम चल रहा है । सारी प्लाटिंग अवैध है , किंतु निबंधन और राजस्व विभाग की मिली भगत के कारण कोई कार्रवाई नहीं हो रही है । माफिया करोड़ों रुपयों की काली कमाई कर रहे है ।किसानों की जमीन पहले औने पौने दाम पर खरीदी जाती है , फिर नियम विरुद्ध बिना नक्शा व बिना आवासीय प्लाट दर्ज कराए प्रति प्लाट लाखों में बेचा जा रहा है ।इस खेल के रजिस्ट्री कार्यालय और राजस्व विभाग शामिल है । भूमाफिया किसानों की ऐसी जमीन खरीदते है , जिसके आसपास सरकारी बंजर जमीन हो , उसके बाद खुलेआम बंजर जमीन तक में कब्जा करके उसे करोड़ों में बेंच देते है । ऊंचाहार देहात ग्राम पंचायत के गांव मास्टर गंज , खोजनपुर , नगर की सीमा से जुड़े कई भाग और ईश्वरदास पुर में बड़े पैमाने पर जमीन प्लाटिंग करके बेची जा रही है । इसमें से नब्बे फीसदी प्लाट बिना नक्शा स्वीकृत कराए बेचे जा रहे है । ऊंचाहार देहात के ग्राम प्रधान धनराज यादव ने तो बकायदा राजस्व और प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र देकर भूमि की पैमाईश और प्लाटिंग की जांच का अनुरोध किया था , किंतु इसके बावजूद जिम्मेदारों ने कोई कार्रवाई नहीं की । जिसके कारण सरकार को करोड़ों रुपए का राजस्व नुकसान हो रहा है ।

प्लाटिंग के नियम,,,,,,,,,

नियम के मुताबिक प्लाटिंग में एक निश्चित चौड़ाई की सड़क होनी चाहिए । भूखंडों के बीच पार्क होना चाहिए । सीवेज सिस्टम होना चाहिए । भूखंड में प्लाटिंग का नक्शा पास होना अनिवार्य है । किंतु ऊंचाहार में तो भूमाफिया किसान से एग्रीमेंट कराकर कलई डालते है और सीधे प्लाटिंग चालू करके उसकी विक्री शुरू कर देते हैं ।