रायबरेली-भूमाफिया के रसूख के सामने ताक पर रख दिए गए थे सारे नियम,,,

रायबरेली-भूमाफिया के रसूख के सामने ताक पर रख दिए गए थे सारे नियम,,,
रायबरेली-भूमाफिया के रसूख के सामने ताक पर रख दिए गए थे सारे नियम,,,

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रिपोर्ट-सागर तिवारी 


ऊंचाहार -रायबरेली -फर्जी अनुमति प्रमाण पत्र लगाकर दलित की भूमि की खरीद करने वाले भूमाफिया का रसूख इतना था कि जमीन की खरीद से लेकर पोल खुलने की जांच तक में सारे नियम ताक पर रख दिए गए थे । मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद इसमें जल्दबाजी में इस कदर लीपा पोती की गई कि पुलिसिया विवेचना की सामान्य प्रक्रिया का भी पालन नहीं किया गया । 
    ज्ञात हो क्षेत्र के गांव गुलाब का पुरवा मजरे कंदरावा निवासी दलित महराजदीन की भूमि की खरीद में डीएम के फर्जी हस्ताक्षर से दलित भूमि विक्रय का अनुमति पत्र लगाया गया था । यह जमीन ऊंचाहार कस्बा निवासी आलम दार ने खरीदी थी । मामले की सच का खुलासा तब हुआ जब सूचना का अधिकार कर तहत अनुमति पत्र की प्रामाणिकता की जानकारी चाही गई । उसके बाद यह तथ्य सामने और की जिलाधिकारी के कार्यालय के जिम्मेदारों ने हुबहू पत्र फर्जी अभिलेख जारी किया और उसके बाद रजिस्ट्री ऑफिस में भी आंख बंद करके भूमि का बैनामा कर दिया गया । मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई तो विवेचक ने जल्दबाजी में बिना अभिलेखों का पड़ताल किए अंतिम रिपोर्ट लगा दी । यही नहीं इस बीच आरोपी को बकायदा इतना वक्त दिया गया कि वह न्यायालय से राहत हासिल कर सके , और उसने उच्च न्यायालय से गिरफ्तारी से बचने के लिए स्थगन आदेश भी हासिल कर लिया । अब पूरा मामला नए सिरे से जांच के लिए सामने आया है तो सारे खेल की पोल परत दर परत खुल रही है ।