रायबरेली-आंधी में गिरे पेड़ों की आड़ में खेल! ठेकेदारों की मनमानी, वन विभाग के दरोगा आशीष मौर्या बने अंजान

रायबरेली-आंधी में गिरे पेड़ों की आड़ में खेल! ठेकेदारों की मनमानी, वन विभाग के दरोगा आशीष मौर्या बने अंजान

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रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)

मो-8573856824

 

रायबरेली- जिले में हाल ही में आई तेज आंधी और तूफान के दौरान बड़ी संख्या में पेड़ धराशायी हो गए थे। इन गिरे हुए पेड़ों को हटाने और निस्तारण की जिम्मेदारी वन विभाग की है, लेकिन डलमऊ वन रेंज क्षेत्र में इस कार्य को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आंधी में गिरे पेड़ों की आड़ में ठेकेदार मनमाने ढंग से लकड़ी कटान और उठान का काम कर रहे हैं, जबकि जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कई स्थानों पर पेड़ों की कटाई और लकड़ी के परिवहन में नियमों की अनदेखी की जा रही है। आरोप है कि कुछ ठेकेदारों के पास सीमित परमिट हैं, जबकि कुछ स्थानों पर बिना वैध अनुमति के भी लकड़ी उठान का कार्य किया जा रहा है। इसके बावजूद वन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखाई दे रही है।
चर्चाओं का केंद्र डलमऊ वन रेंज में हाल ही में तैनात वन दरोगा आशीष मौर्या भी बने हुए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में चल रही गतिविधियों की उन्हें जानकारी नहीं है या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय निगरानी कमजोर होने के कारण ठेकेदारों को खुली छूट मिल गई है।
क्षेत्रीय लोगो की  मांग है कि वन विभाग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए, सभी परमिटों की समीक्षा की जाए और अवैध कटान या परिवहन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो पर्यावरण को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ सरकारी राजस्व की भी हानि हो सकती है।
फिलहाल इन आरोपों पर वन विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोग विभागीय कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

वही जब वन दरोगा आशीष मौर्या से बात की गई तो वो सब जानते हुए अनजान बन गए औऱ चुप्पी साध ली है