रायबरेली-रेंजर साहब! "अगर भट्ठियां अवैध थीं तो वर्षों तक चल कैसे रहीं?" कार्रवाई के बाद उठे बड़े सवाल
रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)
मो-8573856824
अवैध कोयला भट्ठियों पर कार्रवाई के बाद वन विभाग पर गंभीर आरोप, संचालकों ने खोली पोल
रायबरेली के डलमऊ वन रेंज क्षेत्र के मतीनगंज में वन विभाग द्वारा अवैध कोयला भट्ठियों पर की गई कार्रवाई अब नए विवाद का कारण बन गई है। भट्ठियां गिराए जाने के बाद भट्ठी संचालकों ने वन विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
संचालकों का कहना है कि क्षेत्र में दो दर्जन से अधिक अवैध कोयला भट्ठियां संचालित हो रही हैं, लेकिन विभाग ने केवल दो भट्ठियों पर कार्रवाई कर अपनी पीठ थपथपाने का काम किया है। उनका आरोप है कि वन विभाग के कुछ अधिकारियों को नियमित रूप से शुल्क दिए जाने के कारण अधिकांश भट्ठियां बेखौफ संचालित होती रहीं।
भट्ठी संचालकों ने दावा किया कि रेंजर और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की जानकारी और संरक्षण में यह कारोबार लंबे समय से चल रहा था। उनका कहना है कि यदि भट्ठियां वास्तव में अवैध थीं तो विभाग ने पहले कार्रवाई क्यों नहीं की और केवल चुनिंदा लोगों को ही निशाना क्यों बनाया गया।
स्थानीय स्तर पर अब यह चर्चा तेज हो गई है कि कार्रवाई निष्पक्ष थी या फिर कुछ लोगों को बचाने और कुछ पर कार्रवाई करने की रणनीति के तहत कदम उठाया गया। आरोपों के बाद वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। वन विभाग की ओर से अभी तक आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है और लोग विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

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