गांधी परिवार के गढ़ में BJP की नई रणनीति! राजनाथ सिंह के बेटे नीरज सिंह को रायबरेली की कमान

गांधी परिवार के गढ़ में BJP की नई रणनीति! राजनाथ सिंह के बेटे नीरज सिंह को रायबरेली की कमान

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रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)

मो-8573856824


2027 से पहले भाजपा ने कसी कमर, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. नीरज सिंह बने रायबरेली के जिला प्रभारी

रायबरेली। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को लेकर बड़ा फेरबदल किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने 19 सितंबर को प्रदेश के 98 सांगठनिक जिलों और महानगरों के लिए नए जिला प्रभारियों की घोषणा की। इस सूची में रायबरेली की जिम्मेदारी प्रदेश उपाध्यक्ष और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के छोटे बेटे डॉ. नीरज सिंह को सौंपी गई है।
रायबरेली को कांग्रेस की राष्ट्रीय राजनीति में लंबे समय से महत्वपूर्ण स्थान हासिल रहा है और वर्तमान में यह लोकसभा क्षेत्र राहुल गांधी का है। ऐसे में भाजपा संगठन की ओर से नीरज सिंह को रायबरेली का प्रभारी बनाए जाने को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले संगठनात्मक तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण नियुक्ति माना जा रहा है।
नीरज सिंह के सामने जिले में भाजपा संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और पार्टी की चुनावी तैयारियों को गति देने की जिम्मेदारी होगी। रायबरेली में अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों के राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों को देखते हुए संगठन को सक्रिय करना उनके प्रमुख दायित्वों में शामिल रहेगा।
2022 में भाजपा को मिली थीं दो सीटें
2022 के विधानसभा चुनाव में रायबरेली जिले की छह विधानसभा सीटों में भाजपा ने दो सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि समाजवादी पार्टी ने चार सीटों पर कब्जा किया था।  ऐसे में 2027 से पहले भाजपा के सामने जिले में अपने संगठन और चुनावी आधार को मजबूत करने की चुनौती है।
प्रदेश भाजपा की नई सूची में पश्चिम, ब्रज, कानपुर, अवध, काशी और गोरखपुर क्षेत्रों के 98 सांगठनिक जिलों और महानगरों के लिए जिम्मेदारियां तय की गई हैं। रायबरेली को अवध क्षेत्र में रखा गया है और यहां डॉ. नीरज सिंह को प्रभारी बनाया गया है।
प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने के बाद नीरज सिंह को रायबरेली जैसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जिले का प्रभार मिलना उनके संगठनात्मक दायित्व को और बढ़ाता है। अब उनकी सक्रियता और संगठन के साथ तालमेल पर रायबरेली की राजनीति में नजर रहेगी।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की यह नई संगठनात्मक रणनीति रायबरेली में पार्टी की तैयारियों को किस दिशा में ले जाती है, यह आने वाले समय में देखने वाली बात होगी।