बेबस बेटे की पुकार पर आगे आई वानर सेना, कुछ ही घंटों में जुटा 20 हजार से अधिक का सहयोग
रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)
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रायबरेली-कहते हैं कि मुश्किल वक्त में मिला छोटा सा सहारा भी किसी परिवार के लिए बड़ी उम्मीद बन जाता है। कुछ ऐसा ही देखने को मिला रायबरेली के ग्राम सेमरा राही निवासी राम लखन सिंह के परिवार के साथ। लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे राम लखन सिंह के इलाज की जिम्मेदारी उनके बेटे देवेंद्र सिंह कई वर्षों से उठा रहे हैं। सीमित आय के बावजूद बेटे ने पिता के इलाज में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन लगातार बढ़ते इलाज के खर्च ने परिवार को आर्थिक संकट में डाल दिया।
देवेंद्र सिंह एम्स में चतुर्थ श्रेणी के पद पर कार्यरत हैं। अपनी सीमित आय से पिता के इलाज और परिवार की जरूरतों को पूरा करते-करते उनके सामने आर्थिक परेशानियां बढ़ती चली गईं। जब इलाज का खर्च उठाना मुश्किल होने लगा और उन्हें कोई रास्ता नजर नहीं आया तो उन्होंने मदद की उम्मीद में वानर सेना के अध्यक्ष धीरज सिंह चौहान से संपर्क किया।
देवेंद्र की परेशानी सुनने के बाद वानर सेना ने तत्काल राम लखन सिंह के इलाज में सहयोग के लिए अभियान शुरू किया। अभियान की जानकारी सामने आते ही सामाजिक सरोकार रखने वाले लोगों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाना शुरू कर दिया। देखते ही देखते कुछ ही घंटों में 20 हजार रुपये से अधिक की सहयोग राशि जुट गई।
इस सहयोग से गंभीर बीमारी से जूझ रहे राम लखन सिंह के परिवार को इलाज के लिए बड़ी राहत मिली। आर्थिक संकट के बीच बेटे देवेंद्र को जब समाज के लोगों का साथ मिला तो उनके चेहरे पर भी उम्मीद की किरण नजर आई।
वानर सेना के सदस्यों ने निभाई अहम भूमिका
इस सेवा अभियान में वानर सेना के संरक्षक अजीत प्रताप सिंह एवं बृजेश सिंह के साथ टीम के सदस्य केपी सिंह, बंटी सिंह, प्रांशू, संदीप, कुंवर सहित कई सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सदस्यों ने लोगों से जरूरतमंद परिवार की मदद के लिए आगे आने की अपील की, जिसके बाद सहयोग का सिलसिला शुरू हुआ।
वानर सेना अध्यक्ष धीरज सिंह चौहान ने कहा कि संगठन का उद्देश्य जरूरतमंद और असहाय परिवारों तक हर संभव मदद पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जहां किसी बेबस इंसान की उम्मीद टूटती है, वहीं से वानर सेना की मुहिम शुरू होती है। संगठन आगे भी जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए प्रयास करता रहेगा।
छोटे सहयोग से बड़ी उम्मीद
राम लखन सिंह के परिवार ने इस मुश्किल समय में सहयोग के लिए आगे आए सभी लोगों के प्रति आभार जताया। परिवार का कहना है कि बीमारी और आर्थिक परेशानी के बीच समाज से मिला यह सहयोग उनके लिए सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि मुश्किल समय में मिला बड़ा हौसला है।
वहीं अभियान से जुड़े सदस्यों ने कहा कि समाज के लोगों का छोटा-छोटा सहयोग किसी जरूरतमंद परिवार के लिए बड़ी उम्मीद बन सकता है। मानवीय संवेदनाओं और सामूहिक सहयोग की यह पहल बताती है कि जरूरत के समय समाज एकजुट होकर किसी परिवार की जिंदगी में उम्मीद की नई रोशनी ला सकता है।

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