रायबरेली-खरीद केंद्रों पर लटक रहे ताले किसान हैरान व परेशान
रिपोर्ट:- ऋषि मिश्रा
मो०न०:-9935593647
बछरावां रायबरेली। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसले तबाह हुई, उनको मुआवजा अभी तक भी नहीं मिला व दूसरी तरफ गेहूं खरीद केंद्र के लिए जिले में 88 केंद्र बनाए गए। जिसमें बछरावां विकासखंड में दो केंद्र बनाए गये है, जो की राजामऊ पीसीएफ केंद्र और दूसरा केंद्र पीएससी गूढा के नाम से बनाए गये है। लगभग एक माह बीत जाने के उपरांत भी केंद्रों पर ताले लटक रहे हैं और मायूस किसान केंद्रों की गणेश परिक्रमा कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ बछरावां में कोई भी केंद्र संचालित नहीं किया गया, देखा जाए तो बछरावां में पूर्व में जो एक केंद्र खुला था, वह इस बार संचालित नही हो रहा है। वही खुले केंद्र की दूरी बछरवां से लगभग 10 किलोमीटर से अधिक है। उन्नाव जिले की सीमा के पास स्थित इस सेंटर का आलम यह है कि उस केंद्र के प्रभारी का जो मोबाइल नंबर है, उस पर रिचार्ज ही नहीं है। केंद्र पर किसान अपने गेहूं को बेचने के लिए जाते हैं और मायूस लौटकर समर्थन मूल्य से कम दाम पर बेचने को मजबूर हैं। वहीं दूसरी तरफ बछरावां के विकास पुरुष तथा कथित माननीय और किसानों की आवाज को बुलंद करने का दावा करने वाले व किसानों का संगठन भी किसान की इस समस्या को शासन प्रशासन और आला अधिकारियों तक पहुंचाने में पूरी तरह से नाकाम दिख रहा है। गौरतलब यह है कि जहाँ छोटी से छोटी समस्या के प्रति ये यूनियन अति संवेदन शील दिखते है, उनको इन किसानों की मूल अति गंभीर समस्या नही दिख रही है। योगी सरकार द्वारा जिले के आला अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सेंटरों पर किसानों के लिए छाया की व्यवस्था, जलपान की व्यवस्था, गर्मी से बचने की व्यवस्था की जाए। लेकिन आलम तो यह है कि वहां पर गुड का एक ढेला तक भी किसानों को पानी पीने के लिए उपलब्ध नहीं है। वही जब इस बारे में डिप्टी आरएमओ सोनी गुप्ता से बात की गई तो बताया कि अगर केंद्र नहीं खुल रहे हैं तो इसकी शिकायत पीएससी के अंकुर सर से करें और बछरावां में केंद्र खोलने के लिए डीएम और एडीएम प्रशासन से मांग करें, तो अतरिक्त सेंटर खुलवाया जा सकता हैं । गौरतलब बात यह है अगर किसान पहनासा गांव से राजामऊ केंद्र पर अपना गेहूं ले जाना चाहे तो लगभग 30 किलोमीटर दूरी तय करनी पड़ेगी, अगर मौके पर उस किसान को केंद्र पर ताला लटका मिला तो वह क्या करेगा। वही जिस केन्द्र अधिकारी का मोबाइल नंबर जारी किया गया है, उसमें इनकमिंग कॉल की सुविधा नही है ऐसे में किसान क्या करेगा यह सोचनीय बिंदु है।

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