रायबरेली-आश्वासन के पश्चात अपना वादा भूला एनएचएआई, ग्रामीणों में आक्रोश, वीडियो बनाकर किया वायरल

रायबरेली-आश्वासन के पश्चात अपना वादा भूला एनएचएआई, ग्रामीणों में आक्रोश, वीडियो बनाकर किया वायरल

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रिपोर्ट:- ऋषि मिश्रा
मो०न०:-9935593647


बछरावा रायबरेली। क्षेत्र के लखनऊ प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित रेलवे ओवर ब्रिज के किनारे विगत कई वर्ष पूर्व हाईवे का निर्माण होने के पश्चात उक्त मार्ग से यात्रा करने वाले लगभग दर्जनों गांवों के ग्रामीण एवं राहगीरों ने सर्विस लेन की मांग उठाई थी। लगातार मांग उठने के पश्चात जब विभिन्न समाचार पत्रों के माध्यम से खबरें प्रकाशित की गई तो भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा उक्त ग्रामीणों व राहगीरो को यह आश्वासन दिया गया कि हम होली त्यौहार के पश्चात कई गांवो के लोगो एवं निरंतर इस सर्विस लेन से यात्रा करने वाले राहगीरों की इस जटिल समस्या का समाधान सर्विस लेन बनाकर देंगे। लेकिन होली का त्यौहार भी बीत गया, नवरात्रि भी बीत गया, यहां तक की होली के त्यौहार को बीते एक महीने का समय हो गया, लेकिन ग्रामीणों की इस जटिल समस्या का समाधान अपने वादे के अनुसार एनएचएआई विभाग के अधिकारियों के द्वारा नहीं किया गया। जिससे ग्रामीणों एवं राहगीरों में आक्रोश व्याप्त हो गया और इसी आक्रोश को लेकर उनके द्वारा अपनी इस जटिल समस्या का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर  शनिवार को वायरल किया गया। जिसमें उनके द्वारा यह बताया जा रहा है कि कस्बे के कुछ बड़े व्यापारियों के बड़े वाहन उनके गांव को जाने वाली इस कच्ची सर्विस लेन से होकर ओवरब्रिज के नीचे खड़े होते हैं और पूर्व के दिनों में हुई बरसात के कारण लगातार वाहनों के आवागमन से उनकी सर्विस लेन, जो एनएचएआई विभाग की घोर उदासीनता एवं लापरवाही के कारण अभी भी जर्जर हालत में है, उसमें बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। वीडियो के माध्यम से ग्रामीणों ने संबंधित विभाग पर आश्वासन देने के उपरांत वादा न पूरा करने का भी आरोप लगाया है और अपनी इस गंभीर समस्या के लिए सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से इस जटिल समस्या के मामले में कोताही बरतने वाले जिम्मेदारों पर कार्यवाही की मांग की है। फिलहाल हजारों ग्रामीण एवं राहगीरों की इस जटिल समस्या का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के पश्चात चर्चा का विषय बना हुआ है। और उक्त वीडियो संबंधित विभाग के अधिकारियों के द्वारा आश्वासन देने के पश्चात अपने वादे को पूरा न करने पर उनकी कार्यशाली पर सवालिया निशान खड़ा कर रहा हैं।