रायबरेली-जब जिम्मेदारों ने नहीं निभाया अपना फर्ज तो स्थानीय नागरिकों ने पेश की राष्ट्र के प्रति सम्मान की मिसाल

रायबरेली-जब जिम्मेदारों ने नहीं निभाया अपना फर्ज तो स्थानीय नागरिकों ने पेश की राष्ट्र के प्रति सम्मान की मिसाल

-:विज्ञापन:-

स्थानीय नागरिक ने नगर पंचायत के प्रथम नागरिक पर किया तीखा प्रहार, दिलाई उन्हें उनकी जिम्मेदारी की याद


रिपोर्ट:- ऋषि मिश्रा
मो०न०:-9935593647

बछरावां रायबरेली। नगर पंचायत क्षेत्र के कस्बा अंतर्गत बीते 15 अगस्त 2025 को प्रदेश सरकार के स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री एवं जनपद के चिराग दिनेश प्रताप सिंह के द्वारा कस्बे में स्थित जिला परिषद मार्केट के प्रांगण में सदस्य विधान परिषद निधि द्वारा 110 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज का लोकार्पण कार्यक्रम संपन्न किया गया। उक्त कार्यक्रम के समय स्थानीय जन प्रतिनिधियों का हुजूम उमड़ा और ऐसा नजारा प्रतीत हुआ कि इनसे बड़ा राष्ट्रभक्त कोई नहीं है। लेकिन उक्त लोकार्पण कार्यक्रम के 5 महीने पश्चात जब गणतंत्र दिवस 2026 का दिन आया तो उक्त स्थान पर लगा राष्ट्रीय ध्वज एवं क्षेत्र के महापुरुष शिवरत्न शुक्ला की मूर्ति अपने ऊपर पुष्पांजलि अर्पित करने वाले उन राष्ट्रभक्त स्थानीय जन प्रतिनिधियों की राह देखती रही। देर शाम 4:00 बजे तक जब उक्त स्थान पर कोई भी जनप्रतिनिधि नहीं पहुंचा तो कस्बे के कुछ स्थानीय नागरिकों एवं जिला परिषद मार्केट के दुकानदारों के द्वारा उक्त स्थान की सफाई करते हुए महापुरुष शिवरत्न शुक्ल की मूर्ति का माल्यार्पण किया गया एवं राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को भी सलामी दी गई। इस संदर्भ में अधिक जानकारी देते हुए स्थानीय नागरिक एडवोकेट हेमंत कुशवाहा ने बताया कि जिस समय मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के द्वारा इस राष्ट्रीय ध्वज का लोकार्पण किया गया, उस समय उक्त स्थान पर एक से एक महारथी स्थानीय जनप्रतिनिधियों की कतारें लगी हुई थी और सब अपने को उच्चकोटि का राष्ट्रभक्त होने का प्रमाण दे रहे थे। परंतु आज गणतंत्र दिवस के अवसर पर शाम 4:00 बजे तक इस स्थान पर स्थापित एक महापुरुष की मूर्ति माल्यार्पण के लिए तरसती रही और उक्त स्थान फहरा रहा राष्ट्रीय ध्वज अपने सलामी देने वाले जनप्रतिनिधियों की राह भी देखता रहा। साथ ही साथ उन्होंने बछरावां नगर  पंचायत के अध्यक्ष शिवेंद्र सिंह उर्फ राम जी के ऊपर भी तीखा प्रहार करते हुए कहा कि भले ही यह राष्ट्रीय ध्वज सदस्य विधान परिषद की निधि के द्वारा लगाया गया हो और इसकी जिम्मेदारी जनपद के अधिकारियों की हो, लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं नगर के प्रथम नागरिक होने के नाते उनकी यह नैतिक जिम्मेदारी बनती थी कि वह उक्त स्थान पर इस प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन करें, जिस प्रकार वह अपने नगर पंचायत कार्यालय में करते हैं, जो कि उनके द्वारा नहीं किया गया। इस संदर्भ में जब अधिक जानकारी लेने के लिए नगर पंचायत के अधिशाषी अधिकारी रामाशीष वर्मा से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि वहां की हमारी जिम्मेदारी नहीं है, वहां जिला पंचायत की जिम्मेदारी है। अब ऐसे में सवाल यह उठना लाजमी हो जाता है कि जिस भारत की आजादी के लिए अनेको शूरवीरों ने अपनी कुर्बानी दे दी, उसी भारत की राष्ट्रीय धरोहरों के सम्मान के लिए क्या अब किसी एक की ही जिम्मेदारी सीमित रह गई है, यह एक यक्ष प्रश्न बना हुआ है? फिलहाल देर से ही सही लेकिन उक्त स्थान पर हुए कार्यक्रम के इस मौके पर डॉक्टर चंद्रमणि त्रिपाठी, भाजपा नेत्री प्रीति पांडे, सुसील शुक्ला, दिनेश मोदी, सूरज, आशुतोष त्रिपाठी, सूरज, गुड्डू चौधरी, पंकज भदौरिया सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।