रायबरेली-ऊंचाहार में 132 विद्युत ट्रांसमिशन के लिए डीएम से जमीन की मांग

रायबरेली-ऊंचाहार में 132 विद्युत ट्रांसमिशन के लिए डीएम से जमीन की मांग

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 रिपोर्ट-सागर तिवारी

64 से 45 किमी दूर अमांवा, रघूपुर व डलमऊ ट्रांसमिशन से क्षेत्र को होती है आपूर्ति 

ऊंचाहार-रायबरेली- किसान, व्यापारी, नगर तथा ग्रामीण क्षेत्रों लोग बिजली की समस्या से सभी परेशान हैं। लोगों द्वारा आपूर्ति व्यवस्था में सुधार लाने को लगातार क्षेत्रीय विधायक से शिकायत की जा रही थी। समस्या को लेकर विधायक ने जनता की आवाज सदन में उठाई थी। मामले को संज्ञान में लेते हुए ऊर्जा मंत्री ने विधानसभा क्षेत्र में 132 केवीए ट्रांसमिशन की स्थापना को मंजूरी दे दी है। विद्युत उपकेंद्र की जल्द स्थापना को लेकर ऊर्जा निगम द्वारा जिला अधिकारी को पत्र भेज दो से तीन हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण कराए जाने की मांग की है। विधायक और सरकार की इस पहल के बाद क्षेत्रीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
       विगत कई वर्षों से इंद्रदेव रूठे हुए हैं, क्षेत्र में झमाझम बारिश न होने के चलते सूखे जैसे हालात बन जाते हैं। ऐसे में कारखाना समेत संचालित किसानों के नलकूपों के चलते विद्युत संयंत्रों पर लोड भार बढ़ जाता है। जिसके चलते पुरानी व जर्जर 33 व लेकर 11 केवीए की विद्युत लाइन में निरंतर फाल्ट की समस्या बनी रहती है। फाल्ट सही करने में कर्मचारियों को दो से दो घंटे का समय लग जाता है। इसके बाद रोस्टिंग भी चालू हो जाती है। पर्याप्त बिजली न मिलने के कारण जहां व्यापारियों का व्यवसाय तथा अन्नदाताओं की किसानी चौपट हो रही थी, वहीं उमसभरी गर्मी में बिजली कटौती व लो बोल्टेज के बीच कस्बा से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों में हाय तौबा मच जाता है। बिजली व्यवस्था में सुधार लाने को लगातार लोगों द्वारा क्षेत्रीय विधायक से मांग की जा रही थी। विधानसभा क्षेत्र के लोगों की समस्या को लेकर ऊंचाहार विधायक डा मनोज कुमार पांडेय ने मामले को सदन में उठाया था। समस्या की निदान के लिए ऊर्जा मंत्री ने विधानसभा क्षेत्र में 132 केवीए विद्युत उपकेंद्र की स्थापना को मंजूरी देते हुए नए संयंत्र की स्थापना का दायित्व विद्युत विभाग को सौंपा है। ऊर्जा निगम द्वारा 25 जुलाई को जिलाधिकारी को पत्र भेजकर विधानसभा क्षेत्र में जल्द से जल्द दो से तीन हेक्टर जमीन उपलब्ध कराए जाने की मांग की है। सराय हरदों निवासी प्रधान शिवप्रकाश, नारेंद्र शुक्ल, सुनील दुबे, विवेक यादव, अभिशेष तिवारी, रज्जन दुबे, श्यामलाल पाल, संजय पटेल, राम-लखन पाल, बराती लाल विश्वकर्मा, अजय जायसवाल, विजय सिंह आदि लोगों ने विधायक और सरकार की इस पहल की सराहना की है। विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता धीरेंद्र सिंह ने बताया कि 132 केवीए विद्युत घर की स्थापना में जमीन अधिग्रहण, टेंडर इत्यादि की प्रक्रिया व स्थापना में करीब एक वर्ष का समय लग जाएगा। इसके बाद क्षेत्र वासियों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति होने लगेगी। एसडीएम सिद्धार्थ चौधरी ने बताया कि विद्युत विभाग द्वारा 132 केवीए के उपकेंद्र स्थापना को लेकर भूमि की मांग की गई है। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर उक्त भूमि का चयन कराया जाएगा।



60 से 70 करोड रुपए का आएगा खर्च 

विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता धीरेंद्र सिंह ने बताया कि नए 132 केवीए विद्युत उपकेंद्र की स्थापना में सरकार का लगभग 60 से 70 करोड़ रुपए खर्च होंगे। अमावा, रघूपुर व डलमऊ ट्रांसमिशन की अत्याधिक दूरी होने व पुरानी तथा जर्जर लाइनों के कारण हमेशा फाल्ट की समस्या बनी रहती है। जमीन अधिग्रहण से लेकर टेंडर इत्यादि प्रक्रिया में करीब एक वर्ष तक का समय लग सकता है। 132 केवीए विद्युत उपकेंद्र की स्थापना के बाद विद्युत उपकेंद्र समेत छोटी बड़ी लाइनों का निर्माण कराया जाएगा। इसके बाद विधानसभा वासियों को लो वोल्टेज, कटौती, फाल्ट से निजात मिलने के साथ ही निर्बाध विद्युत आपूर्ति होने लगेगी।