रायबरेली दो अलग-अलग हादसों में टूटे 11 हजार लाइन के पोल, रातभर दर्जनों गांव में पसरा रहा अंधेरा
रिपोर्ट:- ऋषि मिश्रा
मो०न०:-9935593647
बछरावां , रायबरेली- विद्युत पोल टूट जाने के चलते दर्जनों गांव में हजारों की संख्या में उपभोक्ता बिना बिजली के देर रात से दोपहर तक समस्या को झेल रहे हैं। जिसे बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। मंगलवार बुधवार की मध्य रात्रि 2:00 बजे के आसपास की दोनों दुर्घटनाएं बताई जा रही है। जब बछरावां- मौरावां मार्ग पर मंगलवार रात दो अलग-अलग हादसों में 11 हजार वोल्ट विद्युत लाइन के पोल क्षतिग्रस्त होकर टूट गए। टांडा गांव के पास डीसीएम की टक्कर से विद्युत पोल टूट गया, जबकि बिशुनपुर गांव के पास एक डंपर की टक्कर से दूसरा पोल धराशायी हो गया। दोनों हादसों के बाद विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई और कई गांवों में रातभर अंधेरा छाया रहा । बुधवार देर दोपहर तक आपूर्ति नही बहाल हो सकी। वही बछरावां-मौरावां मार्ग पर टांडा गांव के पास तेज रफ्तार डीसीएम अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे विद्युत पोल से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि 11 हजार लाइन का पोल टूट गया और तार नीचे आ गए। हादसे के बाद क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। वहीं बिशुनपुर गांव के पास भी एक डंपर विद्युत पोल से जा टकराया, जिससे 11 हजार लाइन का पोल क्षतिग्रस्त होकर टूट गया। दोनों स्थानों पर विद्युत पोल टूटने से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। शेखपुर समोधा, खालेगांव, इचौली , मदाखेड़ा, कुशली खेड़ा, दहजुआ खेड़ा, बिशुनपुर , टांडा समेत दर्जनों गांवों में रातभर बिजली नहीं आ सकी। उमस भरी गर्मी में बिजली गुल होने से ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। घरों में लगे पंखे और कूलर बंद हो गए, जिससे लोग रातभर परेशान रहे। ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत विभाग को हादसे की जानकारी मिलने के बाद भी आपूर्ति बहाल करने में समय लगा। बुधवार को विभागीय कर्मचारियों ने क्षतिग्रस्त लाइन और पोल की मरम्मत का काम शुरू किया। ग्रामीणों ने मांग की है कि टूटे पोल जल्द बदले जाएं और विद्युत व्यवस्था को स्थायी रूप से दुरुस्त किया जाए, ताकि इस तरह की घटनाओं के बाद लंबे समय तक आपूर्ति बाधित न रहे। एसडीओ संजीव शर्मा ने बताया कि पोल दुरुस्त कराए जा रहे हैं । ट्रक व डीसीएम वाहन स्वामियों पर कार्यवाही की जाएगी।

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