रायबरेली-लाखों खर्च करने के बाद भी नहीं सुधरी सेहत , वेंटीलेटर पर हैं सरकारी अस्पताल

रायबरेली-लाखों खर्च करने के बाद भी नहीं सुधरी सेहत , वेंटीलेटर पर हैं सरकारी अस्पताल

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        रिपोर्ट-सागर तिवारी

ऊंचाहार-रायबरेली-पिछले कई वर्षों से लगातार सीएचसी के मेंटीनेंस और रखरखाव के लिए आ रहे सरकारी बजट का जिम्मेदारों द्वारा लगातार बंदरबाट किया रहा है ।स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना कोई कार्य करवाए फर्जी बिल बाउचरो के सहारे सरकारी धन का उपभोग किया जा रहा है ।
जबकि मामले में स्थानीय जिम्मेदार सवालों से बचते नजर आ रहे हैं ।
मामला सीएचसी ऊंचाहार का विभागीय जानकारों के मुताबिक हर वर्ष मेंटीनेंस और रखरखाव हेतु पीएचसी स्तर पर लगभग  डेढ़ लाख रुपए तथा सीएचसी के लिए लगभग 3 लाख रुपए का धन आवंटित होता है ।जानकर बताते हैं कि पिछले कई सालों से सीएचसी और पीएचसी सेंटरों पर कोई भी कार्य नही करवाए जा रहे हैं लेकिन हर साल क्लोजिंग के महीनों में उक्त सरकारी बजट का उपभोग दिखा दिया जाता है।



ऊंचाहार में हैं कुल 4 पीएचसी और एक सीएचसी 


ऊंचाहार । ऊंचाहार विकास खंड में कुल 4 पीएचसी तथा एक सीएचसी है ।
अगर आकलन करें तो प्रति वर्ष पीएचसी के लिए लगभग डेढ़ लाख प्रति पीएचसी की दर से 4 पीएचसी का 6 लाख रुपए जबकि सीएचसी का लगभग 3 लाख रुपए मेंटीनेंस और रखरखाव के लिए आवंटित होते हैं ।इस धन से बिल्डिंग की रंगाई पुताई फर्नीचर मेंटीनेंस जैसे कार्य करवाने होते हैं ।

नही करवाए जाते कार्य ,हो जाते हैं भुगतान 

ऊंचाहार रायबरेली । स्थानीय लोगों संतोष कुमार ,शिवमिलन ,विजय कुमार ,जनक दुलारी ,जैसे तमाम लोगों का आरोप है कि पिछले कई वर्षों से सीएचसी और पीएचसी का मेंटीनेंस नही करवाया गया लेकिन फर्जी बिलों के सहारे हर वर्ष सरकारी बजट का वारा न्यारा कर दिया जाता है ।


*सवालों से बचते रहे सीएचसी अधीक्षक और स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी?*

रायबरेली । सीएचसी ,पीएचसी मेंटीनेंस के लिए हर वर्ष आने वाले बजट और खर्च के बारे में जानकारी के लिए जब ऊंचाहार के सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर मनोज शुक्ल से बात की गई तो उन्होंने सकपकाते हुए कहा कि फोन पर जानकारी नही मिलेगी ,जानकारी लेना है तो सीएचसी आकर मिलो।
जबकि प्रकरण में सवालों पर झिल्लाए स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी ने पहले तो मीडिया के सवाल सुनते ही फोन काट दिया और फिर दोबारा से कॉल करके झिल्लाते हुए  कहा कि कल अधीक्षक साहब सीएचसी बैठेंगे उन्ही से जानकारी ले लेना ।


क्या कहते हैं जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी ?

रायबरेली । मामले में जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डॉक्टर दया शंकर स्थाना ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रति वर्ष पीएचसी के लिए लगभग डेढ़ लाख तथा सीएचसी के लिए तीन लाख रुपए का बजट मेंटीनेंस के लिए आवंटित होता है जिससे स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी व सीएचसी पीएचसी सेंटर प्रभारी /अधीक्षक के संयुक्त तालमेल से कार्य करवाया जाता है।