UP का एक और Expressway, जिसने आसान बना दी रायबरेली से प्रयागराज की राहें; आधी हुईं दूरियां

UP का एक और Expressway, जिसने आसान बना दी रायबरेली से प्रयागराज की राहें; आधी हुईं दूरियां
UP का एक और Expressway, जिसने आसान बना दी रायबरेली से प्रयागराज की राहें; आधी हुईं दूरियां

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रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)

मो-8573856824

देश में एक के बाद एक बन रहे एक्सप्रेसवे हमारे सफर को पूरी तरह से ट्रांसफॉर्म कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में भी यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway), बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे (Bundelkhand Expressway), पूर्वांचल एक्सप्रेसवे (Purvanchal Expressway) जैसे कई एक्सप्रेसवे बन चुके हैं और कई अन्य निर्माणाधीन व कई बनाने की प्लानिंग चल रही है।

आज बाद उत्तर प्रदेश के एक बहुत ही अहम कॉरिडोर की, जिससे यात्रियों का सफर आसान होने के साथ ही कई अन्य लाभ भी मिल रहे हैं। इस कॉरिडोर के तहत चार लेन के नेशनल हाईवे () को अपग्रेड किया गया है। इससे न सिर्फ सड़क पर सुरक्षा बेहतर हुई है, बल्कि अब ट्रैफिक का मूवमेंट भी स्मूद हो गया है। पहले इस रूट पर लंबा जाम लगता था, जिससे यात्री परेशान तो होते ही थे, ईंधन की खपत भी काफी ज्यादा होती थी। चलिए जानते हैं इस खास कॉरिडोर के बारे में -

नाम क्या है?

जिस खास कॉरिडोर की हम बात कर रहे हैं, उसे रायबरेली-प्रयागराज कॉरिडोर कहा जाता है। इसे रायबरेली-प्रयागराज एक्सप्रेसवे (Raebareli Prayagraj Expressway) भी कहते हैं। यह एक्सप्रेसवे लोगों के यात्रा के अनुभव को बदलने के साथ ही उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा दे रहा है। इस कॉरिडोर के तहत क्षेत्र में लंबे समय से जाम से जूझने वाले चार लेन के नेशनल हाईवे को अपग्रेड किया गया है।

अपग्रेड में क्या-क्या शामिल?

रायबरेली-प्रयागराज कॉरिडोर अपग्रेड के तहत न सिर्फ मुख्य कैरिजवे की क्षमता बढ़ाई गई है, बल्कि सर्विस रोड, ब्रिज और शहरों के ट्रैफिक को कम करने के लिए बायपास भी बनाए गए हैं। रायबरेली-प्रयागराज कॉरिडोर (Raebareli Prayagraj Corridor) के निर्माण से क्षेत्र के छोटे शहरों और कस्बों में ट्रैफिक का दबाव कम हुआ है, जिससे रायबरेली और प्रयागराज के बीच यात्रा के समय में काफी बचत हुई है। कॉरिडोर के बनने से सिर्फ यात्रा का समय ही नहीं बच रहा, बल्कि यह स्थानीय लोगों की कई तरह से मदद भी कर रहा है। जैसे किसानों की फसल तेजी से मार्केट तक पहुंच रही है। स्थानीय व्यापारियों को बिजनेस बढ़ाने में मदद मिल रही है। एजुकेशन और हेल्थकेयर तक लोगों की पहुंच आसान हो गई है और कुंभ मेला जैसे बड़े आयोजनों के लिए कनेक्टिविटी को बूस्ट मिला है।

परियोजना के तहत जगतपुर, बाबूपुर, ऊंचाहार और आलापुर में बायपास बनाए गए हैं। NH30 को चौड़ा करने के साथ ही आधुनिक पुल भी बनाए गए हैं। इस परियोजना के बनने के बाद रायबरेली से प्रयागराज के बीच सफर लगभग 1 घंटा 25 मिनट में पूरा हो जाता है। जबकि पहले दोनों शहरों के बीच सफर में लगभग 2 घंटे 50 मिनट का समय लग जाता था। इस प्रोजेक्ट को दो चरणों में पूरा किया गया है। पहले चरण में 24.2 किमी और दूसरे चरण में लगभग 62 किमी हिस्से पर काम हुआ है। दोनों चरणों में क्या काम हुआ है चलिए जानते हैं।

रायबरेली-प्रयागराज कॉरिडोर का पहला चरण

रायबरेली-प्रयागराज कॉरिडोर के पहले चरण में 24.2 किमी के हिस्से पर काम हुआ। पहले पैकेज में 2 बड़े पुल, 1 छोटा पुल, 11 वहिकल अंडरपास, 2 लाइट वहिकल अंडरपास, 1 ROB, 61 कलवर्ट के साथ ही 44 किमी से ज्यादा सर्विस रोड भी बनाई गई हैं।

रायबरेली-प्रयागराज कॉरिडोर का दूसरा चरण

रायबरेली-प्रयागराज कॉरिडोर के दूसरे चरण में लगभग 62 किमी की सड़क को अपग्रेड किया गया है। इस पैकेज में 11 छोटे पुल, 2 प्लाईओवर, 9 वहिकल अंडरपास, 8 लाइट वहिकल अंडरपास और 153 कलवर्ट बनाए गए हैं। इनके अलावा 62 किमी से ज्यादा सर्विस रोड बनाई गई है और 2 ट्रक ले बाई और 1 वेसाइड एमिनिटी भी बनाई गई है

रायबरेली-प्रयागराज हाईवे, क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में नई जान फूंक रहा है। इस कॉरिडोर के बनने के बाद बेहतर कनेक्टिविटी के साथ ही रीयल एस्टेट की कीमतों में भी सुधार हुआ है। यही नहीं क्षेत्र के छोटे उद्योगों की पहुंच बड़े बाजारों तक हो रही है।