रायबरेली-घरौनी न मिलने से बेघर हो गए हजारों परिवार ,नहीं मिल रहा मुआवजा

रायबरेली-घरौनी न मिलने से बेघर हो गए हजारों परिवार ,नहीं मिल रहा मुआवजा

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        रिपोर्ट-सागर तिवारी


ऊंचाहार-रायबरेली- लखनऊ प्रयागराज मार्ग के चौड़ीकरण (फोरलेन) निर्माण में अधिग्रहित की जाने वाली भूमि में काश्तकारों के खेत, मकान और दुकान भी आ रहे हैं। खेतों का मुआवजा तो खतौनी के आधार पर मिल गया है, लेकिन मकान और दुकान का मुआवजा घरौनी से मिलना है। वहीं राजस्व विभाग के जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण सड़क किनारे बसे खोजनपुर, सावांपुर नेवादा, ऊंचाहार देहात, पट्टी रहस कैथवल, अरखा, जसौली आदि ग्राम पंचायतों के लोगों को अब तक घरौनी नहीं मिल सकी है। इससे इन गांवों के लोगों को मकान और दुकान का मुआवजा मिलने की आस टूटने लगी है। ग्रामीणों की लगातार मांग के बावजूद भी जिम्मेदार इनकी पीड़ा समझने को तैयार नहीं है।
       ऊंचाहार तहसील के 119 ग्राम पंचायतों में राजस्व गांव की भूमि पर बसे गृह स्वामियों का स्वामित्व प्रमाण पत्र (घरौनी) बनना है। इसके लिए मई 2022 में राजस्व विभाग मसलन लेखपाल और कानूनगो की टीम द्वारा सर्वे का कार्य शुरू किया गया था। टीम द्वारा खोजनपुर, ऊंचाहार देहात, सावांपुर नेवादा, पट्टी रहस कैथवल, अरखा जसौली आदि ग्राम पंचायत में भौतिक तथा ड्रोन कैमरे से सर्वे भी किया गया था। लोगों का कहना है कि दो साल पहले हुए सर्वे के बाद भी अभी तक कई गांवों में गृह स्वामियों को घरौनी नहीं मिल सकी है। पट्टी रहस कैथवल गांव निवासी प्रधान फूलचंद, राम शंकर, चंद्रमणि उपाध्याय, आशीष गुप्ता, अनमोल, रोहित पांडेय, बनवारी लाल, जगदीश यादव, मोहम्मद हनीफ, रामलाल, जगदीश यादव आदि ने बताया कि नेशनल राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण विभाग द्वारा लखनऊ प्रयागराज राष्ट्रीय मार्ग के चौड़ीकरण के साथ ही बाईपास का निर्माण भी कराया जा रहा है। जो खोजनपुर गांव से शुरू होकर पूरे राठौरन, जमुनियाहार, पूरे ननकू, पट्टी रहस कैथवल, दलापुर, बखिया का बाग, पूरे किसुनी, अरखा होते हुए जसौली गांव के पास निकल रहा है। इसके निर्माण में सड़क के दोनों तरफ की भूमि भी अधिग्रहित की जा रही है। काश्तकारों को खतौनी के आधार पर खेतों का मुआवजा भी मिल चुका है। लेकिन सालों से ग्राम सभा की भूमि पर सड़क किनारे पुरखों द्वारा बनाए गए घरों में रहने वाले लोगों को स्वामित्व प्रमाण पत्र या फिर कागजात के अभाव में मुआवजा नहीं मिल रहा है। एसडीएम सिद्धार्थ चौधरी ने बताया कि स्वामित्व प्रमाण पत्र का पहले ही वितरण किया जा चुका है। कुछ गांवों में यदि अभी तक लोगों को घरौनी नहीं मिली है तो इसके बारे में पता कराकर लेखपाल से घरौनी के कागजात वितरित कार्रवाई जाएगी।