रायबरेली-आईटीडी और कालूवाला के अवैध मिट्टी खनन से बढ़ा मानव जीवन को खतरा , हादसों के लिए तैयार कर दी जमीन

रायबरेली-आईटीडी और कालूवाला  के अवैध मिट्टी खनन से बढ़ा मानव जीवन को खतरा , हादसों के लिए तैयार कर दी जमीन

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       रिपोर्ट-सागर तिवारी


ऊंचाहार-रायबरेली - गंगा एक्सप्रेस वे निर्माण और लखनऊ प्रयागराज राजमार्ग के चौड़ीकरण में मिट्टी खनन ठेकेदारों मनमानी ने पूरे क्षेत्र में मानव जीवन के लिए बड़ा खतरा पैदा कर दिया है । नियमों को ताक पर रखकर गांव गांव बनाए गए कुओं से हादसों के लिए जमीन तैयार कर दी गई है ।
 दरअसल निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेस वे का काम आईटीडी और राजमार्ग के चौड़ीकरण का काम कालू वाला कंपनी द्वारा किया जा रहा है । दोनो कंपनियों ने पूरे क्षेत्र में जमकर तबाही मचाई है ।  पूरे क्षेत्र की धरती को छलनी कर दिया गया है । निजी और सरकारी जमीनों में बीस फिट गहरी खोदाई करके धरती का भूगोल ही बदल दिया गया । जहां समतल मैदान था वहां नदी बना दी गई , जहां तालाब था , वहां गहरा कुआं बना दिया गया । खनन के स्थान के आसपास की कृषि भूमि नष्ट कर दी गई । बाग बगीचे के पास गहरा खनन करके पेड़ पौधों के जीवन पर आघात किया गया है । यह सारा काम कंपनियों के  ठेकेदारों द्वारा किया गया है । ठेकदर अधिकारियों से मिलकर पूरे क्षेत्र की प्रकृति और यहां के लोगों के साथ बड़ा गुनाह किया जा रहा है । खनन के अधाधुंध काले कारोबार ने लोगों की जीविका छीन ली है और पेड़ों पौधों को क्षति पहुंचकर पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा पैदा कर दिया गया है । हालात ये हैं कि अवैध खनन में इस प्रकार नियमों की अनदेखी की गई है कि पूरे क्षेत्र में गांव गांव गड्ढे को कुओं का रूप दे दिया गया है । बरसात के दिनों में जब इनमे जलभराव होगा तो बड़े हादसे होंगे , कई जाने जाएंगी , किंतु इसकी परवाह न तो कंपनी में मिट्टी के काले कारोबार को अंजाम देने वाले ठेकेदारों को है , और न ही इन ठेकेदारों को शह देने वाले अधिकारियों को ।