रायबरेली - मनरेगा मजदूरों से संवाद कर राहुल गांधी ने सरकार पर कसा तीखा तंज

रायबरेली - मनरेगा मजदूरों से संवाद कर राहुल गांधी ने सरकार पर कसा तीखा तंज

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रिपोर्ट:- अमन श्रीवास्तव 
मो०न०:- 8115983620

नाम बदलने से जमीनी हकीकत नहीं बदलती, जरूरत है कि मजदूरों को काम मिलना चाहिए: राहुल गांधी

रायबरेली- जनपद में मनरेगा को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस पार्टी ने “मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान” की शुरुआत कर दी है। इस अभियान की कमान खुद नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली सांसद राहुल गांधी ने संभाली है। अपने तीन दिवसीय दौरे पर रायबरेली पहुंचे राहुल गांधी ने जगतपुर क्षेत्र के अंतर्गत उमरन गांव में सीधे मनरेगा मजदूरों से संवाद कर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। चौपाल के दौरान राहुल गांधी ने मनरेगा मजदूरों और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मनरेगा मजदूरों को न तो समय पर काम मिल रहा है और न ही मजदूरी का भुगतान हो पा रहा है, जिससे ग्रामीण गरीबों की रोज़ी-रोटी पर सीधा असर पड़ रहा है। राहुल गांधी ने खास तौर पर मनरेगा योजना का नाम बदलने और उसे “जी राम जी” नाम देने के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि नाम बदलने से ज़मीनी हकीकत नहीं बदलती, ज़रूरत इस बात की है कि मजदूरों को काम और समय पर मजदूरी मिले। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना को कमजोर करने की कोशिश कर रही है, वहीं कांग्रेस नेताओं का कहना है कि “मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान” और इस तरह की चौपालों के माध्यम से सरकार पर दबाव बनाया जाएगा, ताकि मनरेगा मजदूरों को उनका हक और अधिकार मिल सके। अब देखना यह होगा कि कांग्रेस का यह अभियान जमीनी स्तर पर कितना असर दिखा पाता है। कुल मिलाकर राहुल गांधी ने रायबरेली से मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान का आगाज कर दिया है। सवाल ये है कि चौपाल से उठी मजदूरों की आवाज़ दिल्ली तक पहुंचेगी या नहीं। उनके इस चौपाइयां कार्यक्रम के दौरान अमेठी सांसद किशोरी लाल शर्मा जिला अध्यक्ष कांग्रेस रायबरेली पंकज तिवारी पूर्व विधानसभा प्रत्याशी ऊंचाहार अतुल सिंह सहित भारी संख्या में कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।