रायबरेली-नियम कानून ठेंगे पर , अधिकारी नतमस्तक , कौन रोकेगा गंगा एक्सप्रेस वे का अवैध खनन ?

रायबरेली-नियम कानून ठेंगे पर , अधिकारी नतमस्तक , कौन रोकेगा गंगा एक्सप्रेस वे का अवैध खनन ?

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     रिपोर्ट-सागर तिवारी




ऊंचाहार-रायबरेली- गंगा एक्सप्रेसवे में मिट्टी की आपूर्ति कर रहे ठेकेदारों की मनमानी के आगे प्रशासन नतमस्तक है। ठेकेदार खुले आम बिना अनुमति ऊसर बंजर समेत निजी भुमि से मिट्टी खनन करके मौत के कुंए खोद कर ग्रामीणों को मौत के मुंह में भेजने का रास्ता तैयार कर रहे हैं। प्रशासन कार्रवाई करने के बजाय अंजान है। 
         विदित हो कि मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेसवे निर्माण कार्य प्रगति पर है। यह एक्सप्रेसवे क्षेत्र के कई गांवों से होकर गुजरता है। इसमें भारी मात्रा में मिट्टी की खपत है। जिसकी आपूर्ति करने के लिए कम्पनी द्वारा ठेकेदार को काम दिया गया है। ठेकेदारों को प्रशासन से अनुमति लेकर मिट्टी खनन करना चाहिए। प्रशासन गहराई से खनन की अनुमति नहीं देता है। खनन के लिए तालाब या आबादी से उचित दूरी पर खाली पड़ी भूमि पर सामान्य गहराई से खनन करना चाहिए। 
यहां गंगा एक्सप्रेसवे के ठेकदार इसके उलट कार्य कर रहे हैं। पहले तो खनन की अनुमति नहीं ली और दूसरी तरफ़ आबादी और स्कूल के निकट ही निजी भूमि पर 20 से 30 फिट गहरा कुंआ बनाकर मिट्टी निकाल रहे हैं। यही कुएं ग्रामीण जीवन के किए काल साबित हो रहे हैं। ठेकेदार द्वारा किए जा रहे ग्रामीण किसान, छोटे व्यवसाई, छात्रों समेत बच्चों और बुजुर्गों को जान का खतरा बना हुआ। आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है प्रशासन किसी बड़ी होने का इन्तिजार कर रहा है। यदि समय रहते सक्रिय हो जाए और ठेकेदारों पर कार्रवाई कर दे तो आने वाली किसी बड़ी घटना से बचा जा सकता है।