रायबरेली - पेंशन बहाली का झांसा देकर बुजुर्ग महिला की करोड़ों की जमीन किया अपने नाम, कोर्ट के आदेश पर तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज

रायबरेली - पेंशन बहाली का झांसा देकर बुजुर्ग महिला की करोड़ों की जमीन किया अपने नाम, कोर्ट के आदेश पर तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज

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रिपोर्ट- सागर तिवारी

ऊंचाहार/रायबरेली: तहसील क्षेत्र के गदागंज थाना क्षेत्र में रिश्तों को शर्मसार करने और धोखे से जमीन हड़पने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक बुजुर्ग और अनपढ़ महिला को पेंशन जारी रखने का झांसा देकर न सिर्फ तहसील ले जाया गया, बल्कि धोखे से उसकी बेशकीमती जमीन का बैनामा भी करा लिया गया। पुलिस द्वारा सुनवाई न किए जाने पर पीड़िता ने न्यायालय की शरण ली, जिसके आदेश पर अब पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी और एफआईआर (संख्या 0008/2026) के अनुसार, मामला गदागंज थाना क्षेत्र के पूरे जुल्फिकार अली, मजरे धमधमा का है। यहाँ की निवासी 65 वर्षीय मोमिना बानो (पत्नी बशीर अहमद) एक अनपढ़ बुजुर्ग महिला हैं और वृद्धावस्था पेंशन की पात्र हैं।
आरोप है कि गाँव के ही सिरताज अली, उनकी पत्नी नजमा बेगम और रिश्तेदार बुलाकी ने एक साजिश रची। 30 जून 2025 को आरोपी मोमिना बानो के पास गए और झूठ बोला कि उनकी पेंशन बंद होने वाली है। इसे चालू रखने के लिए उन्हें डलमऊ तहसील चलना होगा और अंगूठा लगाना होगा।
आरटीजीएस (RTGS) का झूठा दावा
पीड़िता के बेटे द्वारा वीडियो में दिए गए बयान के मुताबिक, आरोपी उन्हें तहसील ले गए और पेंशन के कागजात बताकर जमीन के बैनामे पर अंगूठा लगवा लिया। इस बात का खुलासा तब हुआ जब आरोपियों ने जमीन पर कब्जा करना और निर्माण शुरू किया। जब पीड़ित पक्ष ने विरोध किया, तो आरोपियों ने दावा किया कि उन्होंने जमीन खरीदी है और पैसा बैंक खाते में आरटीजीएस (RTGS) के जरिए भेजा है। हालांकि, जब मोमिना बानो के परिजनों ने बैंक स्टेटमेंट चेक किया, तो उसमें एक भी रुपया नहीं आया था।
पुलिस की लापरवाही और कोर्ट का डंडा
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि उन्होंने गदागंज थाने और पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंततः उन्होंने न्यायालय (सिविल जज जूनियर डिवीजन/FTC) का दरवाजा खटखटाया।कोर्ट के कड़े रुख के बाद, गदागंज पुलिस ने 10 जनवरी 2026 को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319(2), 318(4) (धोखाधड़ी), 336(3), 338 (कूटरचित दस्तावेज), 340(2) और 351(3) (जान से मारने की धमकी) के तहत सिरताज अली, नजमा बेगम और बुलाकी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब मामले की जांच में जुटी है।