रायबरेली-महिला थाना प्रभारी पुष्पा शर्मा का मुख्य उद्देश्य, उजड़े परिवारों को बचाना ही जिंदगी का मुख्य मकसद

रायबरेली-महिला थाना प्रभारी पुष्पा शर्मा का मुख्य उद्देश्य, उजड़े परिवारों को बचाना ही जिंदगी का मुख्य मकसद

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रायबरेली। पीड़ितों के दर्द का मरहम बनकर काम कर रही हैं महिला थाना प्रभारी पुष्पा शर्मा अपने फर्ज के साथ-साथ मानवता के धर्म को भी बखूबी निभा रही है। महिला थाना प्रभारी पुष्पा शर्मा न केवल एक कुशल पुलिस अधिकारी हैं, बल्कि वे उन परिवारों की मजबूत कड़ी भी बन चुकी हैं, जो तलाक की कगार पर पहुंच चुके थे। उनका मुख्य उद्देश्य उजड़े हुए घरों को फिर से बसाना है, और इसी में उन्हें सबसे ज्यादा सुकून मिलता है। इस वर्ष जनवरी माह तक महिला थाने पर आए दर्जनों पारिवारिक विवादों के प्रार्थना-पत्रों में पति-पत्नी के बीच चल रहे झगड़ों को सुलझाने में पुष्पा शर्मा ने अहम भूमिका निभाई है। उनके अथक प्रयासों और समझाइश से कई जोड़े, जो तलाक की दहलीज पर खड़े थे, फिर से एक हो गए। वे हर महिला को यही संदेश देती हैं कि झगड़े और लड़ाई समाप्त हो जाएं, ताकि दोनों शांतिपूर्वक प्रेम से दांपत्य जीवन व्यतीत कर सकें। हाल ही में रायबरेली महिला थाने पर एक ऐसा मामला आया जिसमें अजीत और उनकी पत्नी माया के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष महिला थाने पहुंचे। महिला थाना प्रभारी पुष्पा शर्मा ने दोनों को बुलाकर विस्तार से बातचीत की। उन्होंने दोनों पक्षों को समझाया कि छोटी-छोटी बातों पर परिवार टूटना कितना दर्दनाक होता है। उनकी समझाइश और मानवीय दृष्टिकोण से दोनों ने एक-दूसरे की बात सुनी। अंततः झगड़े समाप्त हुए और दोनों पति-पत्नी आपस में सामंजस्य बनाकर प्रेम से रहने पर राजी हो गए सुलह -समझौते के बाद अजीत और माया खुशी-खुशी अपने घर लौट गए। इस तरह एक परिवार को फिर से जोड़ा गया, और एक घर में फिर से हंसी-खुशी लौट आई।  
पुष्पा शर्मा का यह प्रयास न केवल पुलिस की जिम्मेदारी को दर्शाता है, बल्कि समाज में परिवारों को बचाने की उनकी प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है। ऐसे अधिकारी समाज के लिए वरदान हैं, जो कानून के साथ-साथ संवेदना से भी काम करते हैं।