रायबरेली-मतदान बाद जीत के गुना गणित करते तहसील परिसर में अधिवक्तागण

रायबरेली-मतदान बाद जीत के गुना गणित करते तहसील परिसर  में अधिवक्तागण

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      रिपोर्ट-सागर तिवारी

ऊंचाहार -रायबरेली -लोकसभा आम चुनाव का सोमवार को मतदान हो गया । विभिन्न राजनौतिक दलों के नेताओं की भीड़ खतम हो गई है , किंतु चौपालों चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर चुनावी जीत हार की गुना गणित की चर्चा माहौल को गरम किए हुए है । इसमें राजनैतिक दलों के समर्थकों के अपने अपने दावे है तो जातिगत समीकरण का गणित भी चर्चा का विंदू बना हुआ है।
       मंगलवार को नगर समेत ग्रामीण क्षेत्र की दुकानों , होटलों और सार्वजनिक स्थानों पर चुनावी चर्चा हावी रही । भाजपा और कांग्रेस समर्थकों के बीच गरमागरम बहस मौसम के तापमान को भी मात दे रही थी । कोई जीत के दावे के साथ केंद्र में सरकार बना रहा था तो कोई मोदी के चार सौ पार के नारे को बड़ी मजबूती से रख रहा था । क्षेत्र की किस पोलिंग पर किस पार्टी को कितना वोट मिला इसका गुणाभाग लगाया जा रहा था ।
   तहसील परिसर में सरकारी कार्यालय मंगलवार को बंद रहे । ज्यादा फरियादी भी नहीं आए थे । अधिवक्तागणों की भीड़ बार अध्यक्ष शिव गोपाल सिंह के चैंबर में एकत्र थी । जहां पर पूर्व अध्यक्ष दिनेश त्रिपाठी और राकेश उपाध्याय का तर्क राहुल गांधी को तीन लाख से अधिक मतों के अंतर से जिता रहा था तो शिव गोपाल सिंह अप्रत्याशित परिणाम आने पर अडिग थे । बीच बीच में अधिवक्ता राज नारायण मिश्र की हास्यपूर्ण बातें पूरे माहौल में अपना अलग ही रंग छोड़ रही थी । अधिवक्ता महेश द्विवेदी आसपास के जिलों के परिणाम को पेश कर रहे थे तो चंद्र मणि शुक्ला केंद्र में परिवर्तन आने का संकेत दे रहे थे । जय बहादुर मौर्य बीच बीच में विकास की बात करके दोनो पक्षों के दावेदारों को असहज कर देते थे ।